Youths stage a fierce protest in Surajpur against the paper leak: सूरजपुर: सूरजपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। छात्र-युवा संगठनों और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
यह रैली अग्रसेन चौक, पुराना बस स्टैंड से शुरू होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंची। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में तख्तियां, नारे और महापुरुषों के चित्र लेकर प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे थे।
युवाओं ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में नीट, यूजीसी नेट और एसएससी जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका आरोप था कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ बार-बार अन्याय हो रहा है, जबकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और सभी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई। युवाओं का कहना था कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष बीपीएस पोया ने कहा कि यह आंदोलन केवल सूरजपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के युवाओं की पीड़ा की आवाज है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में सूरजपुर के युवा भी सड़क पर उतरे हैं।
Youths stage a fierce protest in Surajpur against the paper leak
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग रखी कि सरगुजा और बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं के केंद्र बनाए जाएं। उनका कहना था कि दूर-दराज़ के इलाकों के अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए बार-बार भटकना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता है।
युवाओं ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार लागू करने की भी अपील की। इसमें प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल एन्क्रिप्शन, परीक्षा केंद्रों की सख्त निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और आधुनिक तकनीक के उपयोग की मांग शामिल थी। उनका कहना था कि बिना मजबूत प्रणाली के पेपर लीक रोकना संभव नहीं है।
रैली और प्रदर्शन के दौरान माहौल कई बार बेहद आक्रोशपूर्ण हो गया। युवाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं। प्रदर्शन में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, आदिवासी छात्र संगठन और कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सूरजपुर का यह प्रदर्शन प्रदेश में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर बढ़ते असंतोष का संकेत है। युवाओं का कहना है कि अगर सरकार ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
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