सीतापुर में सरकारी भवन का प्लास्टर गिरा: परियोजना अधिकारी सहित 3 महिला कर्मचारी घायल : Plaster falls from government building in Sitapur

Uday Diwakar
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Plaster falls from government building in Sitapur: सरगुजा:​​​अंबिकापुर (11 july 2026): । सीतापुर: जिले के सीतापुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) परियोजना कार्यालय में दोपहर एक बड़ा हादसा होने से हड़कंप मच गया। कार्यालय के परियोजना अधिकारी के कक्ष में चल रही बैठक के दौरान अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में परियोजना अधिकारी सहित एक पर्यवेक्षक और एक अन्य महिला कर्मचारी कुल तीन महिलाएं घायल हो गईं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि घटना तब हुई जब कार्यालय में सात-आठ लोग बैठक में मौजूद थे। अचानक कक्ष की छत का बड़ा हिस्सा टूट कर नीचे गिर पड़ा, जिससे कमरे में बैठी महिलाएं खौफ में छूटीं और कई लोग चिल्लाने लगे। मजदूरों और अन्य कर्मचारियों ने शीघ्रता से घायलों को कक्ष से बाहर निकाला और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की। हादसे के कारण कमरे में कागजात और फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हो गए।

घायल परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक सहित एक अन्य महिला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की चोटें गंभीर तो नहीं हैं, लेकिन माथे और पीठ पर घाव तथा क्लीनिकल जांच के बाद कुछ को ब्रेसिंग और एंटीबायोटिक दवाइयां दी गई हैं। जिला अस्पताल के प्रमुख ने कहा कि सभी तीनों की स्थिति स्थिर है और further परीक्षण कराए जा रहे हैं।

घटना से संबंधित जांच में स्थानीय प्रशासन ने तुरंत दखल दिया है। सरगुजा जिला कलेक्टर ने मौके का निरीक्षण किया और अधिकारियों को प्रभावित भवन की मरम्मत और सुरक्षा के लिए निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने मीडिया को बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट है कि भवन की हालत काफी जर्जर है और पिछले कई सालों से रख-रखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “हम तुरंत आवश्यक कदम उठाएंगे और प्रभावित कर्मचारियों के लिए मदद और स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित करेंगे।”

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Plaster falls from government building in Sitapur

सार्वजनिक भवनों की नियमित जाँच और समय पर रखरखाव न किए जाने से ऐसे हादसे बढ़ सकते हैं। एक सिविल इंजीनियर ने बताया कि पुराने इमारतों में मौसम, जल निकासी की समस्या और नमी के कारण प्लास्टर कमजोर हो जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी विभागों को हर तीन साल पर संरचनात्मक निरीक्षण कराना चाहिए और रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जानी चाहिए ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

घटना ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन से जवाब मांगा है कि ऐसे सरकारी भवनों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। विपक्षी नेताओं और सोसायटी समूहों ने तुरंत मरम्मत और सुरक्षा मानक लागू करने की मांग उठाई। महिला बचाव और कर्मचारी अधिकार समूहों ने भी सरकार से अपील की है कि अधिकारी-स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और जिन कर्मचारियों को चोटें आई हैं उन्हें उचित मुआवजा व चिकित्सा सहायता दी जाए।

इस बीच, ICDS विभाग के उच्च अधिकारियों ने कहा कि वे प्रभावित भवन के कर्मचारियों के लिए अस्थायी कार्यालय व्यवस्था करेंगे ताकि बच्चों और माताओं से जुड़े सेवाओं में व्यवधान न आए। विभाग ने कहा कि प्रभावित कार्यालय के रिकॉर्ड और फाइलों का तुरन्त बैकअप एवं सुरक्षित स्थान पर ट्रांसफर का निर्देश दिया गया है। साथ ही नजदीकी अन्य केंद्रों से भी आवश्यक समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा।

हादसे ने फिर से सरगुजा जिले में जर्जर सरकारी इमारतों की समस्या पर ध्यान आकर्षित किया है और नागरिकों में सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा तथा कर्मियों की जान को प्राथमिकता देने की मांग को तेज कर दिया है। जैसे ही जांच के निष्कर्ष मिलेंगे, रिपोर्ट में अपडेट कर दिया जाएगा।

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