Ambikapur: Agriculture Department takes action following CM Helpline complaint: सरगुजा:अंबिकापुर (26 June 2026):मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर किसान द्वारा दी गई शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में कृषि विभाग ने तेज कार्रवाई करते हुए 3,219 बोरी उर्वरक जब्त कर संबंधित विक्रेता के गोदाम को सील कर दिया है। शिकायत में किसानों को बाजार भाव से अधिक दाम पर खाद बेचे जाने का आरोप लगाया गया था। विभागीय टीम ने अचानक छापा मारकर अनियमितता का पता लगाया और कार्रवाई करते हुए कथित मितभेदकारी कारोबारियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घटना तब सामने आई जब जिले के एक प्रमुख किसान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (सीएम हेल्पलाइन) पर फोन कर बताया कि एक स्थानिय उर्वरक केंद्र पर डीएपी और यूरिया सहित अन्य खादों की कीमतें निर्धारित दर से अधिक वसूली जा रही हैं और दुकानदार किसानों को दुष्प्रेरणा कर महंगी ब्रांडेड खाद बेचने के लिए दबाव बना रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद हेल्पलाइन ने मामला कृषि विभाग के राज्य व जिला अधिकारियों तक भेजा और तत्काल सत्यापन के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने शिकायत की पुष्टि के लिए स्थानीय स्तर पर जांच-पड़ताल तेज की और रविवार को गोदाम पर अचानक छापा मारा। निरीक्षण के दौरान टीम को कुल 3,219 बोरी उर्वरक मिले, जिनमें विभिन्न प्रकार के डीएपी, यूरिया और मिश्रित ब्रांडेड उर्वरक शामिल हैं। विभाग ने मौके पर ही कई बोरी की कीमतों और बिलिंग रिकॉर्डों का मिलान किया और पाया कि कुछ इकाइयों में निर्धारित सब्सिडी व रेट का गलत प्रयोग कर खाद महंगे दाम पर बेची जा रही थी।
अधिकारियों ने बताया कि गोदाम के दस्तावेज, खरीद-बिक्री के बिल, बिल-रसीद और ब्रांडिंग से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं। दुकान को सील कर दिया गया और आगे की जांच के लिए उन रिकॉर्डों को अस्पताल कर रखा गया है। विभाग ने कहा कि यदि जांच में असामान्यताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अत्याचारकारी दंड और जुर्माना लगाया जाएगा। आवश्यकतानुसार आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए जा सकते हैं।
स्थानीय किसानों ने शिकायतकर्ता की पहल को सराहा और कहा कि उर्वरक महंगे मिलने से खरीफ की बुवाई पर असर पड़ा है। एक किसानों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “हम सरकारी दरों पर खाद खरीदते हैं ताकि हमारी लागत कम रहे, लेकिन जब वही खाद महंगी बिके तो हमारी फसल लागत बढ़ जाती है। सीएम हेल्पलाइन ने हमारी आवाज सुनी और कार्रवाई हुई — यह उम्मीद जगाती है।”
Ambikapur: Agriculture Department takes action following CM Helpline complaint
जिला कृषि अधिकारी ने बताया, “सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से मिली शिकायत का तत्काल संज्ञान लिया गया।初 जांच में रूपरेखा स्पष्ट हुई इसलिए टीम भेजी गई और कार्रवाई की गयी। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के गलत आचरण की सूचना तुरंत हेल्पलाइन या कृषि विभाग के स्थानीय कार्यालय में दें ताकि समय पर रोकथाम की जा सके।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने कहा है कि ऐसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि निरीक्षण नियमित रूप से होना चाहिए और उर्वरक वितरण पर पारदर्शिता जरूरी है। वहीं प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सब्सिडी का लाभ सीधे संस्थागत प्रक्रिया से जुड़ा रहेगा और धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अगले कुछ दिनों में विभाग की विशेष जांच टीम गोदाम के सभी लेनदेन का विस्तृत ऑडिट करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो अन्य रिक्तिकृत केन्द्रों का भी सत्यापन किया जाएगा। साथ ही विभाग ने किसानों के लिए एक शिकायत-पहचान तंत्र और अधिक सक्रिय करने के संकेत दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में शीघ्रता से हस्तक्षेप किया जा सके।
इस प्रकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर मिली एक शिकायत ने अम्बिकापुर में कृषि विभाग की त्वरित कार्रवाई को जन्म दिया, जिससे न केवल बड़े पैमाने पर खाद बरामद हुई बल्कि प्रशासन द्वारा पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा के लिहाज से संदेश भी स्पष्ट किया गया।
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