सेदम पंचायत में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का बड़ा आरोप, शराब के नशे में ड्यूटी करता है सचिव, महीनों बंद रहता है पंचायत भवन : Major Allegations of Corruption and Mismanagement in Sedam Panchayat

Uday Diwakar
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Major Allegations of Corruption and Mismanagement in Sedam Panchayat: सरगुजा:​​​अंबिकापुर (26 मई 2026):जनपद पंचायत बतौली अंतर्गत ग्राम पंचायत सेदम इन दिनों भारी अव्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में है। पंचायत सचिव के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। ग्रामीणों ने सचिव पर शराब के नशे में ड्यूटी करने, पंचायत भवन बंद रखने, विकास कार्यों में लापरवाही और कई फाइलों के माध्यम से फर्जी तरीके से राशि आहरण करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन अधिकांश समय बंद रहता है, जिससे लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार भटकना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, पेंशन, मजदूरी भुगतान, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित कई जरूरी काम महीनों से लंबित पड़े हुए हैं। पंचायत कार्यालय पहुंचने पर लोगों को ताला लटका मिलता है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव अक्सर शराब के नशे में पंचायत पहुंचता है और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं रहता। फोन रिसीव नहीं करना और ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार करना अब आम बात बन चुकी है।

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मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई विकास कार्यों की अलग-अलग फाइल तैयार कर फर्जी तरीके से राशि आहरण करने का खेल चल रहा है। एक ही कार्य में दोबारा भुगतान निकालने की कोशिश किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत जनपद पंचायत में साक्ष्य और दस्तावेजों के साथ की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

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Major Allegations of Corruption and Mismanagement in Sedam Panchayat


ग्रामीणों का आरोप है कि जिला स्तर के अधिकारियों की चुप्पी और संरक्षण के कारण पंचायत राज अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।


ग्रामीणों ने सीतापुर विधायक, कलेक्टर एवं जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पंचायत सचिव को हटाने, पूरे वित्तीय मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत कार्यालय के सामने बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।

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