Ambikapur: Mayor Manjusha Bhagat Fumes Over Dilapidated Roads: सरगुजा:अंबिकापुर (20 मई 2026):अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने शहर की जर्जर और खस्ता हाल सड़कों को लेकर शुक्रवार को तीखा रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी। बैठक और साइट निरीक्षण के दौरान महापौर ने स्पष्ट कहा कि अगर 24 से 72 घंटे के भीतर मरम्मत और डाले जाने वाले कार्यों की शुरुआत नहीं हुई तो निगम प्रशासन, अभियंता और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महापौर की नाराजगी का कारण शहरवासियों की बार-बार बढ़ती शिकायतें और हाल ही में हुई दुर्घटनाओं का बढ़ता रिकॉर्ड बताया जा रहा है। विपक्ष और स्थानीय सामाजिक संगठन भी लंबे समय से सड़कों की बदतर हालत को लेकर आक्रोश जता चुके हैं, और कुछ घटनाओं के बाद विपक्ष ने सड़क मुद्दे पर घेराव और प्रदर्शन तक किए थे, जिससे इस मामले पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ा है।
महापौर ने सुबह-शाम सड़कों के निरीक्षण के बाद निगम के इंजीनियरों और विभागीय अफसरों को नगर निगम सभागार में तलब किया और मरम्मत के कामों की प्रगति रिपोर्ट मांगी। निरीक्षण में महापौर ने कहा कि कई स्थानों पर सड़कें इतनी बुरी हालत में हैं कि आवागमन खतरनाक हो गया है और बच्चों, मरीजों तथा आवागमन करने वाले बुजुर्गों के लिए रोजाना जोखिम बना रहता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तात्कालिक सूची मांगी कि किन-किन सड़कों पर सबसे पहले काम होना चाहिए और किन हिस्सों में ओवरले तथा पैचवर्क की आवश्यकता है।
मंजूषा भगत ने स्पष्ट कहा कि केवल दिखावे के लिए टेढ़े-मेढ़े मरम्मत कार्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे; अगर किसी ठेकेदार या इंजीनियर की लापरवाही से घटिया सामग्री या घटिया निर्माण पाया गया तो वह कार्य तोड़कर नये सिरे से कराया जाएगा और जिम्मेदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दबाव या स्थानीय प्रभाव के आधार पर घटिया काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महापौर ने बैठक में बताया कि सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए पहले से कुछ फंड स्वीकृत हैं और केंद्र-राज्य से भी अपेक्षित राशि के संबंध में चर्चाएं चल रही हैं। उनके हवाले से कहा जा रहा है कि नगर निगम के पास उपलब्ध धनराशि और स्वीकृत परियोजनाओं के तहत प्राथमिकता वाले मार्गों पर काम शीघ्र शुरू कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निगम के द्वारा किए जाने वाले वास्तविक कार्यों का मूल्यांकन करें।
स्थानीय नागरिकों, व्यापारी संघों और पार्षदों ने महापौर की तीव्र प्रतिक्रिया का स्वागत किया और कहा कि वर्षों से सड़क समस्या पर शिकायतें की जा रही थीं पर नतीजा नहीं निकला। वहीं विपक्षी नेताओं ने भी मौके का प्रयोग करते हुए इस मसले पर महापौर और प्रशासन दोनों पर सवाल उठाए—कईयों ने कहा कि पिछले सालों में अनेक घोषणाएँ हुईं पर धरातल पर काम धीमा रहा। राजनीतिक दबाव की वजह से भी कई बार कार्यों में देरी हुई है, यह आरोप भी उठे हैं।
महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ठेकेदारों को गुणवत्ता, समय सीमा और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। यदि किसी काम में देरी या उपेक्षा मिली तो ठेकेदार का भुगतान रोका जाएगा और समझौता टूटा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर काम के लिए समय-समय पर फील्ड निरीक्षण कर दें और मरम्मत कार्यों का फोटो-वीडियो रिकॉर्ड बनाकर सार्वजनिक करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
Ambikapur: Mayor Manjusha Bhagat Fumes Over Dilapidated Roads
नगर निगम ने प्राथमिकता-आधारित एक सूची तैयार करने का आश्वासन दिया है जिसमें मुख्य बाजार मार्ग, स्कूल के आसपास के मार्ग और अस्पतालों तक पहुंचने वाले रास्ते पहले नंबर पर होंगे। इसके साथ ही नेशनल हाइवे और पीडब्ल्यूडी की देखरेख वाली सड़कों के लिए भी संबंधित विभागों से समन्वय बढ़ाने की बात की गई है क्योंकि उनमें सुधार के प्रभारी विभाग अलग हैं और नगर निगम का दायरा सीमित रहता है।
महापौर ने जनता से सहयोग और धैर्य की अपील करते हुए कहा कि अस्थायी परेशानियाँ हो सकती हैं पर काम के परिणाम सामने आने पर राहत मिलेगी। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि जो परियोजनाएँ स्वीकृत हैं, उनका क्रियान्वयन शीघ्र ही प्रारंभ होगा और घटिया निर्माण की स्थिति नहीं रहने दी जाएगी।
अंबिकापुर में सड़क समस्या पर महापौर मंजूषा भगत का स्पष्ट और सख्त रुख स्थानीय प्रशासन में तेजी लाने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है; साथ ही यह देखना दिलचस्प होगा कि नकदी निर्गम, विभागीय समन्वय और ठेकेदारों के व्यवहार के मद्देनजर धरातल पर कितनी तेज़ी से और किस गुणवत्ता के साथ सुधार कार्य होते हैं।
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