Encroachment Removed from 1 Acre of Bhatupara Pond: सरगुजा:अंबिकापुर: 28 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भातुपारा तालाब पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। नगर निगम और एसडीएम की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर करीब 1 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद कब्जेदार नहीं माने, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई। यह अभियान शहर के जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की तारीफ की, लेकिन प्रभावित परिवारों में असंतोष भी है।
भातुपारा तालाब अंबिकापुर का एक प्रमुख जलाशय है, जो शहर की पेयजल आपूर्ति और सिंचाई का मुख्य स्रोत रहा है। 50 वर्ष पुराना यह तालाब अब अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका था। पिछले 10 वर्षों में तालाब के किनारे बने झुग्गी-झोपड़ियां, दुकानें और अस्थायी निर्माणों ने करीब 1.5 एकड़ जमीन पर कब्जा जमा लिया था। इनमें ज्यादातर गरीब परिवार और छोटे व्यापारी शामिल थे।

नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 से ही अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा था। जनवरी 2024 में पहला नोटिस जारी किया गया, जिसमें 45 दिनों का समय दिया गया। उसके बाद तीन रिमाइंडर नोटिस भेजे गए, लेकिन कब्जेदारों ने अनदेखी की। एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया, “नोटिस की प्रति हर कब्जेदार को व्यक्तिगत रूप से दी गई। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई जरूरी हो गई।” प्रभावित 25 परिवारों को वैकल्पिक जमीन आवंटन का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वे नहीं माने।
सुबह 8 बजे एसडीएम अनुराग सिंह, नगर निगम आयुक्त रमेश पटेल और पुलिस बल के साथ टीम भातुपारा तालाब पहुंची। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो जेसीबी मशीनें और एक बुलडोजर लगाए गए। पहले पुलिस ने इलाके को घेराबंदी की, फिर अतिक्रमण तोड़ना शुरू किया। करीब 4 घंटे की कार्रवाई में 20 झुग्गियां, 5 दुकानें और अवैध बाउंड्री वॉल ध्वस्त कर दी गईं।
प्रत्यक्षदर्शी मीना बाई (45) ने बताया, “हमने नोटिस तो देखा, लेकिन कहीं जाना मुश्किल था। अब सब बर्बाद हो गया।” वहीं, स्थानीय व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने प्रशासन का समर्थन किया। कार्रवाई में कोई हिंसा नहीं हुई, लेकिन दो कब्जेदारों पर एफआईआर दर्ज की गई। बरामद सामान को नगर निगम गोदाम में रखा गया। तालाब का जल स्तर बढ़ाने के लिए खुदाई का काम भी शुरू हो गया।

Encroachment Removed from 1 Acre of Bhatupara Pond
यह कार्रवाई अंबिकापुर नगर निगम के ‘तालाब संरक्षण अभियान’ का हिस्सा है। कलेक्टर ने घोषणा की है कि शहर के 15 तालाबों को अगले 6 महीने में अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। भातुपारा तालाब को विकसित कर पार्क और वॉकिंग ट्रैक बनाया जाएगा। बजट 2 करोड़ रुपये आवंटित।
पर्यावरणविद डॉ. राकेश शर्मा ने कहा, “अतिक्रमण से तालाब सूख रहे थे। यह कदम जल संकट रोक सकता है।” प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए री-डेवलपमेंट कॉलोनी में प्लॉट देने का वादा किया। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कार्रवाई के बाद भातुपारा में दो धड़ों में बंट गया। एक तरफ निवासी समिति ने प्रशासन का धन्यवाद दिया, दूसरी तरफ प्रभावितों ने धरना दिया। कांग्रेस नेता ने कहा, “गरीबों को बेघर किया जा रहा।” बीजेपी ने इसे सकारात्मक बताया। सोशल मीडिया पर #SaveBhatuparaTalab ट्रेंड कर रहा है।
पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी। कलेक्टर ने बैठक बुलाई, जहां प्रभावितों की शिकायतें सुनी जाएंगी।
अतिक्रमण हटाना आसान है, लेकिन रोकना चुनौतीपूर्ण। प्रशासन अब जीपीएस मैपिंग और ड्रोन सर्वे करेगा। जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह घटना साबित करती है कि सख्ती से शासन चल सकता है। अंबिकापुर अब स्वच्छ और हरा-भरा शहर बनेगा।
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