Ambikapur: Trainee DSP Apprehends Cunning Thief Who Fled After Stealing Kotwali Police’s Bolero: सरगुजा:अंबिकापुर: 28 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में पुलिस की नाक में दम कर देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। कोतवाली थाना पुलिस की बोलेरो वाहन को चुराकर फरार हो चुके एक शातिर चोर को प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे ने अपनी तत्परता और आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर महज कुछ घंटों में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की ही बोलेरो से फरार होने का दुस्साहस दिखाया, लेकिन मोबाइल लोकेशन ने उसकी कमर तोड़ दी। यह घटना न केवल पुलिस की निगरानी में चूक को उजागर करती है, बल्कि आधुनिक अपराध जांच की ताकत को भी रेखांकित करती है।
जानकारी के अनुसार, दोपहर कोतवाली थाना स्टाफ के साथ प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे सत्तीपारा क्षेत्र में अवैध गांजा तस्करी की बड़ी रेड के लिए रवाना हुए थे। सत्तीपारा इलाका लंबे समय से नशे के सौदागरों का अड्डा माना जाता है, जहां बड़े पैमाने पर गांजा की खेती और बिक्री होती रही है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की योजना बनाई थी। बोलेरो वाहन (नंबर सीजी 12 एए 1234) में थाना प्रभारी सहित आठ पुलिसकर्मी सवार थे।
रेड के दौरान पुलिस टीम ने सत्तीपारा के एक सुनसान खेत में छापा मारा। वहां से करीब 50 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया और दो तस्करों को हिरासत में लिया। इसी हड़बड़ी के बीच वाहन की चाबी चालक के पास ही छूट गई। तभी मौके का फायदा उठाते हुए आसपास घूम रहे एक शातिर चोर, जिसकी पहचान बाद में संतोष यादव (उम्र 28 वर्ष) निवासी वार्ड नंबर 15, सत्तीपारा के रूप में हुई, ने बोलेरो में सवार होकर इंजन स्टार्ट कर फरार हो गया। चोर ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि पुलिसकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। जब टीम ने वाहन की ओर नजर डाली तो बोलेरो गायब थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी संतोष पहले से ही इलाके में छोटी-मोटी चोरियां करने का मास्टरमाइंड था। उसके पास पहले से तीन चोरी के मामले दर्ज हैं, जिनमें एक मोबाइल शॉप से 20 फोन चुराने का भी शामिल है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संतोष गांजा तस्करों के संपर्क में था और रेड की भनक लगते ही मौका ताड़ लिया। फरार होते ही उसने बोलेरो को शहर के बाहरी इलाके की ओर दौड़ा दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे ने तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट किया। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग के दम पर बोलेरो में लगे जीपीएस डिवाइस को चेक किया, लेकिन चोर ने उसे निष्क्रिय कर दिया था। तब डीएसपी ने नया दांव चला। आरोपी संतोष का मोबाइल नंबर पहले से पुलिस रिकॉर्ड में था, क्योंकि उसके पुराने मामलों में कॉल डिटेल्स सुरक्षित थीं। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग शुरू की गई।
मात्र दो घंटे के अंदर ट्रैकिंग से पता चला कि आरोपी बोलेरो सहित अंबिकापुर-रायगढ़ रोड पर स्थित एक सुनसान ढाबे के पास रुका है। वहां वह बोलेरो से सामान उतारने की again कोशिश कर रहा था। डीएसपी कुर्रे ने थाना स्टाफ और स्थानीय ग्रामीण पुलिस को रेडियो से निर्देश दिए। एक संयुक्त टीम ने ढाबे पर धावा बोल दिया। आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के आगे सरेंडर कर दिया। बोलेरो वाहन जस का तस बरामद हो गया, जिसमें चोर ने कुछ छोटे-मोटे उपकरण भी रखे थे।
पकड़े गए संतोष ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने बोलेरो चुराकर उसे कबाड़ी बाजार में बेचने की योजना बनाई थी। उसके पास से एक स्मार्टफोन, दो चोरी के मोबाइल और 5 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए। डीएसपी कुर्रे ने बताया, “आधुनिक तकनीक ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है। मोबाइल ट्रैकिंग जैसी सुविधा ने हमें वाहन वापस दिला दिया।”
Ambikapur: Trainee DSP Apprehends Cunning Thief Who Fled After Stealing Kotwali Police’s Bolero
इस घटना के बाद कोतवाली थाने में हड़कंप मच गया। थाना प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विभागीय जांच शुरू हो गई है। एसपी ने आदेश दिया है कि सभी पुलिस वाहनों में जीपीएस अनिवार्य रूप से एक्टिव रखा जाए और चाबी की सिक्योरिटी स्ट्रिक्ट हो। सत्तीपारा जैसे संवेदनशील इलाकों में फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से अपील की है कि अपराध रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
यह घटना अंबिकापुरवासियों के लिए सबक है कि अपराधी कहीं भी मौका ताड़ सकते हैं। गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम जारी है, लेकिन आंतरिक सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी। डीएसपी कुर्रे की यह सफलता युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणा है। आने वाले दिनों में आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां चोरी, पुलिस वाहन हड़पने और नशा विरोधी कानूनों के तहत कार्रवाई होगी।
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