Mega-Operation Against Koreas Coal Mafia: कोरिया: 20 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में कोयला माफिया के खिलाफ प्रशासन ने अभूतपूर्व ‘महा-अभियान’ चलाया। पटना तहसील के देवखोल जंगल में अवैध खनन की 150 मीटर लंबी सुरंगों को बारूद से उड़ा दिया गया। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने 6 टन से अधिक कोयला जब्त किया। इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
18-19 अप्रैल को चले इस महा-अभियान में सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड ने देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों में छापेमारी की। टीम ने जंगल के घने इलाकों में छिपी सुरंगों का पता लगाया। खदान विभाग के विशेषज्ञों ने नियंत्रित ब्लास्टिंग कर इन्हें स्थायी रूप से बंद कर दिया। एसडीएम ने बताया कि भविष्य में दोबारा खनन न हो, इसलिए यह कदम उठाया गया।
अभियान में फावड़े, गेती, विद्युत पंप और बिजली के तार जब्त हुए। 150 बोरी कोयला (6.61 टन) बरामद कर कोरिया कोयला कार्यालय में जमा किया गया। माफिया संगठित गिरोह के संकेत मिले, जिनके नाम जांच में सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों को जंगल में न जाने की हिदायत दी गई।
Mega-Operation Against Koreas Coal Mafia कोयला माफिया का नेटवर्क
कोरिया कोयला भंडारों के लिए कुख्यात है। SECIL की बंद खदानों में माफिया अवैध उत्खनन करते थे। देवखोल जैसे जंगलों में छिपकर रातोंरात खनन होता था। कोयले की तस्करी अन्य राज्यों में की जाती थी। पिछले साल 50 करोड़ का अवैध कारोबार पकड़ा गया था। इस अभियान ने माफिया के नेटवर्क को तोड़ दिया।
जिला कलेक्टर ने कहा, “टास्क फोर्स लगातार सक्रिय रहेगी। ड्रोन सर्वे और नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।” पुलिस ने 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया। FIR दर्ज कर जांच जारी है।
अवैध खनन से जंगल नष्ट हो रहे थे। सुरंगें धंसने से मजदूरों की जान को खतरा था। वन्यजीवों का आवास प्रभावित हुआ। ब्लास्टिंग के बाद क्षेत्र सुरक्षित हो गया। वन विभाग ने पौधारोपण की योजना बनाई। स्थानीय आदिवासी समुदाय ने प्रशासन का समर्थन किया।
यह भी पढ़ें-AI का बढ़ता असर: नौकरी से पढ़ाई तक बदल रही टेक्नोलॉजी की दुनिया , AI क्रांति








