छत्तीसगढ़ में बागेश्वर धाम की कथा में भक्तों का सैलाब उमड़ा, ‘घर वापसी’ और धर्म परिवर्तन की घटनाओं का चर्चा तेज : Deluge of Devotees Swarms Bageshwar Dham Discourse in Chhattisgarh

Uday Diwakar
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Deluge of Devotees Swarms Bageshwar Dham Discourse in Chhattisgarh: कोरबा:छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की दिव्य हनुमंत कथा का आयोजन चल रहा है। 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक बाकी मोंगरा स्थित ग्राम ढपढप में हो रही इस कथा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है।

कथा का शुभारंभ और जनसैलाब

कथा का आगाज 27 मार्च को 21 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा से हुआ। ढपढप के मैदान पर प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक प्रवचन हो रहे हैं। 30 मार्च को विशेष दिव्य दरबार लगा, जहां 2 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। दूर-दूर से भक्त पैदल, बस और ट्रेन से आ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफिक, पानी और चिकित्सा इंतजाम किए। कोरबा रेलवे स्टेशन (22 किमी) और रायपुर एयरपोर्ट (222 किमी) से पहुंच आसान है।

घर वापसी की बड़ी घटना

कथा के चौथे दिन (31 मार्च) सबसे चर्चित घटना रही जब 583 लोगों ने पंडित शास्त्री के समक्ष घर वापसी की। ये ज्यादातर ईसाई धर्म से लौटे, जिनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है जिसने सनातन धर्म अपनाया। बाबा ने कहा, “हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे। हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी।” विहिप और बजरंग दल ने अनुष्ठान कराए। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

दिव्य दरबार में प्रेत बाधा निवारण सत्र चला, जहां मंत्रोच्चार से कई भक्त झूमे और असामान्य व्यवहार करने लगे। बाबा के प्रवचनों ने भक्तिमय माहौल बनाया। हनुमान चालीसा और रामकथा पर जोर रहा। आयोजकों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया।

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घर वापसी ने राजनीतिक बहस छेड़ दी। समर्थक इसे स्वैच्छिक बताते हैं, जबकि कुछ संगठनों ने दबाव का आरोप लगाया। चर्च समुदाय ने चिंता जताई। बाबा ने स्पष्ट कहा कि जबरदस्ती नहीं, केवल भक्ति का मार्ग। स्थानीय विधायक ने शांति बनाए रखने की अपील की। #GharWapsiKorba ट्रेंड कर रहा है।

Deluge of Devotees Swarms Bageshwar Dham Discourse in Chhattisgarh

कथा से कोरबा की अर्थव्यवस्था को बल मिला। होटल, परिवहन फले। ग्रामीण क्षेत्रों में सनातन जागरण हुआ। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक एकता मजबूत करते हैं। भविष्य में अंबिकापुर जैसे स्थानों पर और कथाएं होंगी।

पुलिस ने भारी सुरक्षा तैनात की। भक्तों से अनुशासन की अपील। कथा 1 अप्रैल को संपन्न होगी। यह छत्तीसगढ़ के धार्मिक इतिहास में मील का पत्थर बनेगी। बागेश्वर धाम की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

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