Bomb threat at Ambikapur court: सरगुजा:अंबिकापुर। शहर के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण संस्थानों में शुमार जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिलने से बुधवार को पूरे अंबिकापुर में हड़कंप मच गया। न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर सुबह के समय एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ, जिसमें साफ तौर पर अदालत परिसर को विस्फोट से उड़ाने की बात कही गई थी। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सनसनी फैला रही है, क्योंकि इसी तरह की धमकियां राजनांदगांव और जगदलपुर के न्यायालयों को भी मिली हैं।
मेल मिलते ही न्यायालय प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस को दे दी। सूचना पाते ही अंबिकापुर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। पूरे परिसर को सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट पर डाल दिया गया। एसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता (BDS) की टीम को भी बुलाया गया, जो परिसर के हर कोने की सघन तलाशी ले रही है।
सघन तलाशी अभियान: कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली
न्यायालय के अंदर और बाहर व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग लगाकर हर आने-जाने वाले व्यक्ति, वाहन और बैग की गहन जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर न्यायालय परिसर को आंशिक रूप से खाली कराया गया, जिसमें जज, वकील, कर्मचारी और लितिगेंट्स शामिल थे। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी है, ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि न हो सके।
यह धमकी अंबिकापुर तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला न्यायालय को यह दूसरी बार ऐसी धमकी मिली है, जहां एक माह पहले भी इसी तरह का ईमेल आया था। जगदलपुर के जिला सत्र न्यायालय में भी सुबह ही धमकी भरा मेल पहुंचा, जिसके बाद वहां भी परिसर खाली कर सघन जांच शुरू हो गई। बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि साइबर सेल मेल के स्रोत की जांच कर रहा है। इन घटनाओं ने पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।
अंबिकापुर एसपी ने कहा कि धमकी भरा मेल एक अज्ञात आईडी से भेजा गया था। साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ईमेल के IP एड्रेस, सेंडर डिटेल्स और ट्रेल की गहन पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी की शिनाख्त हो जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, न्यायालय परिसर में CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें।
यह घटना अंबिकापुर की जनता में दहशत पैदा कर रही है। न्यायालय शहर का प्रमुख केंद्र है, जहां रोज सैकड़ों लोग न्याय की उम्मीद में आते हैं। वकीलों और बार एसोसिएशन ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एक वकील ने कहा, “ऐसी धमकियां न्याय व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश हैं।” स्थानीय निवासियों का मानना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं। हालांकि, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में न्यायालयों को बार-बार बम धमकियां मिल रही हैं। दिल्ली के पटियाला हाउस, साकेत और रोहिणी कोर्ट को भी जैश-ए-मोहम्मद के नाम से धमकी मिली थी, जो बाद में होक्स साबित हुई। बिलासपुर जिला न्यायालय को भी इसी तरह का खत मिल चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये धमकियां या तो होक्स हैं या न्यायिक प्रक्रिया को भटकाने की कोशिश। साइबर क्राइम विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि आधिकारिक ईमेल की सुरक्षा मजबूत की जाए।
Bomb threat at Ambikapur court
जिला प्रशासन ने सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। अंबिकापुर पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। एसएसपी स्तर के अधिकारी लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक धमकी देने वाले को पकड़ न लिया जाए। जनता से अपील है कि सामान्य जीवन जीएं और सहयोग करें।
यह घटना छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस का कहना है कि राज्य स्तर पर समन्वय स्थापित कर ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जाएगा। फिलहाल अंबिकापुर न्यायालय दोपहर बाद से सामान्य हो गया है, लेकिन सुरक्षा चाक-चौबंद बनी हुई है।
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