Surguja: Villagers of Judwani stage fierce protest against hospital construction on grazing land: सरगुजा:अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम जुड़वानी में गोचर भूमि पर एनजीओ संगवारी संस्था द्वारा अस्पताल निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों ने उग्र विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और निर्माण कार्य तत्काल रोकने के लिए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह शासकीय गोचर भूमि है, जो गांव के मवेशियों के चारागाह के रूप में आरक्षित है।
ग्राम जुड़वानी, जो आदिवासी बहुल क्षेत्र है, में एनजीओ संगवारी संस्था ने बिना ग्राम सभा की सहमति के गोचर भूमि पर अस्पताल निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने राजस्व रिकॉर्ड के हवाले से बताया कि यह भूमि वर्षों से पशुओं के चरने के लिए उपयोग हो रही है। निर्माण से भूमि पर कब्जा हो जाएगा, जिससे सैकड़ों मवेशियों को चरागाह की कमी का सामना करना पड़ेगा।
दर्जनों महिलाएं, जिनमें गुणेश्वर सिंह, राजकुमारी, देवंती, देवकुमारी, सुशीला, शांति, धनकुमार और सुनीता प्रमुख हैं, कलेक्टर को ज्ञापन लेकर पहुंचीं। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई कि निर्माण रोका जाए और भूमि को चारागाह के रूप में ही सुरक्षित रखा जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन तेज करेंगे।
जुड़वानी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। गोचर भूमि पर अतिक्रमण से मवेशी भूखे रहेंगे, दूध उत्पादन घटेगा और गोबर से खेती प्रभावित होगी। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि यह सामूहिक संपत्ति है, जिसे किसी एनजीओ को सौंपना गलत है। उन्होंने प्रशासन पर अतिक्रमण को रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया।
सरगुजा जिले में गोचर भूमि विवाद कोई नई बात नहीं। पहले भी कोडलाई और अन्य गांवों में समान मामले सामने आए, जहां ग्रामीणों ने आंदोलन कर भूमि मुक्त कराई। यहां भी ग्रामीण राजस्व अधिकारियों से भूमि रिकॉर्ड सत्यापन की मांग कर रहे हैं। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लखनपुर ब्लॉक में सैकड़ों परिवार पशुओं पर निर्भर हैं।
एनजीओ संगवारी संस्था ने अस्पताल निर्माण को ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार का बताकर समर्थन मांगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इसके लिए वैकल्पिक भूमि ली जानी चाहिए। प्रशासन ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन प्राप्त होने के बाद तहसीलदार स्तर पर जांच के आदेश जारी हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के भूमि राजस्व संहिता के अनुसार, गोचर भूमि पर कोई स्थायी निर्माण प्रतिबंधित है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों का समर्थन किया है। पूर्व सरपंचों का कहना है कि ग्राम सभा की बैठक बिना बुलाए कोई निर्माण नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें ग्रामीण अस्पताल निर्माण स्थल पर पहुंचे दिख रहे हैं।
सरगुजा आदिवासी बाहुल्य जिला है, जहां गोचर भूमि ग्रामीण जीवन का अभिन्न अंग। हाल ही में बनेड़ा उपखंड के कोडलाई में भी गोचर अतिक्रमण पर धरना हुआ। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर भूमि हड़पने के आरोप लग रहे हैं, जबकि जिले में CHC दरीमा जैसी स्वास्थ्य इकाइयों की स्थिति जर्जर बताई जा रही है। सरकार नए जिला अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रही, लेकिन ग्रामीण स्थानीय स्तर पर विरोध कर रहे।
Surguja: Villagers of Judwani stage fierce protest against hospital construction on grazing land
यह विवाद विकास बनाम ग्रामीण हक का सवाल उठाता है। अस्पताल जरूरी है, लेकिन गलत भूमि पर नहीं। प्रशासन वैकल्पिक सरकारी भूमि उपलब्ध करा सकता है। ग्राम सभा को शामिल कर बातचीत से समाधान निकल सकता है। सरगुजा कलेक्टर को शीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि विवाद न बढ़े।
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