अंबिकापुर खाद्य-मंडी टीम का अभियान: असोला, परसा व सोनपुरकला से 460 क्विंटल अवैध धान जब्त, व्यापारियों पर केस : Ambikapur Food Market team’s operation

Uday Diwakar
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Ambikapur Food Market team’s operation: सरगुजा:​​​अंबिकापुर। ​​ ​11 जनवरी 2026: सरगुजा जिले में अवैध धान संग्रहण एवं कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी करते हुए कुल 460.80 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। हनुमंत ट्रेडर्स (असोला) से 288 क्विंटल, केसरवानी ट्रेडर्स (परसा) से 116 क्विंटल तथा विकास ट्रेडर्स (सोनपुरकला) से 56.8 क्विंटल धान बरामद हुआ, जिसके बाद संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। यह अभियान छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शनिवार को शुरू हुए इस संयुक्त अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं मंडी निरीक्षकों की टीम ने जिले के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों का दौरा किया। असोला स्थित हनुमंत ट्रेडर्स पर सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जहां गोदाम में बिना लाइसेंस के 288 क्विंटल धान संग्रहित पाया गया। व्यापारी ने दावा किया कि यह धान किसानों से सीधे खरीदा गया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों का अभाव होने से इसे अवैध घोषित कर जब्ती की कार्यवाही की गई। इसी प्रकार परसा के केसरवानी ट्रेडर्स से 116 क्विंटल तथा सोनपुरकला के विकास ट्रेडर्स से 56.8 क्विंटल धान बरामद हुआ। कुल जब्त धान का मूल्य लगभग 35 लाख रुपये आंका गया है।

टीम ने गोदामों में स्टॉक रजिस्टर, खरीदी बिल एवं परिवहन दस्तावेजों की जांच की। अधिकांश प्रतिष्ठानों पर मंडी एक्ट 1960 एवं छत्तीसगढ़ खाद्य संग्रहण नियमों का उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों ने साफ कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे किसानों से धान खरीदकर कालाबाजारी करने वालों पर कोई रहम नहीं बरता जाएगा। अभियान के दौरान स्थानीय किसानों ने भी सहयोग किया तथा अतिरिक्त सूचनाएं प्रदान कीं।

अवैध धान कारोबार

छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, जहां सरगुजा जिले में प्रतिवर्ष 10 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की खेती होती है। 2025-26 खरीदी सीजन में राज्य सरकार ने 80 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसमें सरगुजा का योगदान 8 लाख मीट्रिक टन है। लेकिन अवैध संग्रहण से समर्थित व्यापारी एमएसपी से कम दामों पर किसानों से धान खरीदकर निजी मिलों को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है तथा किसान परेशान हैं।

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पिछले वर्ष सरगुजा में 2000 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया गया था। इस बार अभियान और सघन है, जिसमें ड्रोन सर्वेक्षण एवं जीपीएस ट्रैकिंग का उपयोग हो रहा है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि 50 से अधिक संदिग्ध गोदाम चिह्नित किए गए हैं, जिनकी जांच जारी रहेगी। अवैध कारोबार से कालाबाजारी, कर चोरी एवं नकली बिलिंग जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

हनुमंत ट्रेडर्स के मालिक हनुमंत साहू, केसरवानी ट्रेडर्स के रवि केसरवानी तथा विकास ट्रेडर्स के विकास पटेल के विरुद्ध मंडी एक्ट की धारा 23 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इनके लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू हो गई है तथा जुर्माना लगाने पर विचार चल रहा है। खाद्य विभाग ने जब्त धान को सरकारी गोदामों में स्थानांतरित कर दिया है। व्यापारियों को 7 दिनों में सफाई का अवसर दिया गया है, अन्यथा आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।

स्थानीय व्यापार संघ ने कार्रवाई का विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एक व्यापारी ने कहा, “एमएसपी से अधिक दाम मिल रहे हैं, लेकिन दस्तावेजीकरण में समस्या है।” जिला प्रशासन ने सभी व्यापारियों को ऑनलाइन पोर्टल पर स्टॉक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

यह कार्रवाई किसानों के हित में है। असोला क्षेत्र के किसान रामू ने बताया, “व्यापारी 2400 रुपये प्रति क्विंटल से कम दाम ऑफर करते थे, जबकि एमएसपी 2350 है। अब सीधे मंडी जा सकेंगे।” सरगुजा में 2 लाख से अधिक किसान धान बेचने पर निर्भर हैं। अवैध कारोबार से बिचौलियों को लाभ होता था, लेकिन अब पारदर्शिता बढ़ेगी।

जिले की अर्थव्यवस्था धान पर केंद्रित है। खरीदी से 5000 करोड़ का व्यापार होता है। सरकार ने इस वर्ष डिजिटल पेमेंट अनिवार्य किया है, जिससे ट्रांजेक्शन ट्रैक हो सकें। कलेक्टर रोहित व्यास ने अभियान की सराहना की तथा और सख्ती के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘धान क्रांति’ योजना के तहत 100 समितियां गठित की हैं। सरगुजा में 250 खरीदी केंद्र सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि कोई किसान परेशान न हो। विभाग ने हेल्पलाइन 1967 शुरू की है। भविष्य में मोबाइल स्कैनिंग वैन एवं एआई आधारित निगरानी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने से समस्या हल हो सकती है।

Ambikapur Food Market team’s operation

सरगुजा आदिवासी क्षेत्र है, जहां परिवहन कठिन है। असोला, परसा व सोनपुरकला ग्रामीण इलाके हैं, जहां गोदाम अवैध रूप से चल रहे थे। मानसून के बाद धान स्टोरेज बढ़ जाता है। स्थानीय पत्रकारों के अनुसार, मिल मालिक भी इसमें लिप्त हैं। पुलिस ने भी सहयोग का भरोसा दिया है।

यह अभियान अन्य जिलों के लिए उदाहरण है। रायपुर में भी इसी प्रकार कार्रवाई हुई। किसान संगठनों ने समर्थन किया तथा और छापे की मांग की।

इस कार्रवाई से अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी तथा किसानों को उचित मूल्य मिलेगा। जिला प्रशासन ने 15 दिनों में विशेष ड्राइव की घोषणा की। व्यापारियों को चेतावनी दी गई कि पारदर्शिता अपनाएं। सरगुजा जैसे क्षेत्रों में ऐसी पहल विकास का आधार बनेगी।


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