Ambikapur Kotwali Love Jihad Case: सरगुजा:अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर जिला सत्र न्यायालय परिसर में बुधवार को हंगामा मच गया, जब झारखंड निवासी एक मुस्लिम युवक लुण्ड्रा क्षेत्र की आदिवासी युवती से कथित तौर पर कोर्ट मैरिज करने पहुंचा। सूचना मिलते ही स्थानीय वकीलों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा इसका विरोध दर्ज कराया। हस्तक्षेप के बाद प्रस्तावित निकाह प्रक्रिया को रोक दिया गया तथा युवती को उसके स्वजनों के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक झारखंड के महुआडांड थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके जीजा का घर लुण्ड्रा क्षेत्र के एक गांव में स्थित है, जहां पीड़िता आदिवासी युवती रहती है। जीजा के घर आने-जाने के दौरान दोनों का परिचय हुआ तथा युवक ने कथित तौर पर युवती को बहला-फुसलाकर प्रेम का झांसा दिया। दोनों अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के जिला सत्र न्यायालय पहुंचे और कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
न्यायालय परिसर में आवेदन की प्रक्रिया शुरू होते ही किसी ने इसकी सूचना स्थानीय वकीलों और हिंदू संगठनों को दे दी। तत्काल सैकड़ों वकील और संगठनों के सदस्य न्यायालय पहुंच गए। उन्होंने ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाते हुए निकाह का विरोध किया तथा युवक को कथित तौर पर पीटा भी। अफरा-तफरी के बीच पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों को कोतवाली थाने ले जाया गया जहां अलग-अलग पूछताछ की गई।
अंबिकापुर कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा ने बताया कि शिकायत मिलते ही मामले का संज्ञान लिया गया। पूछताछ में युवती ने बताया कि युवक ने शादी का दबाव बनाया था, लेकिन वकीलों और संगठनों की समझाइश के बाद उसने विवाह से इंकार कर दिया। युवती को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया है। युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है तथा पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई औपचारिक FIR अभी दर्ज नहीं की गई है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।
स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ की साजिश करार दिया। उनका कहना है कि झारखंड और छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां बाहरी युवक आदिवासी लड़कियों को फंसाकर संपत्ति हड़पने या धर्मांतरण का प्रयास करते हैं। झारखंड के सहिबगंज जिले में हाल ही में एक समान मामले में आदिवासी युवती रुबीका की हत्या कर शव को 50 टुकड़ों में काट दिया गया था, जो इसी तरह की प्रेम जाल का उदाहरण है।
सरगुजा जिले में आदिवासी समुदाय की लड़कियां परंपरागत रूप से अपनी संस्कृति और भूमि से जुड़ी रहती हैं। छोटा नागपुर टेनेंसी एक्ट (CNT एक्ट) जैसे कानून आदिवासी भूमि की बिक्री को रोकते हैं, जिसके कारण कुछ मामलों में विवाह के जरिए भूमि पर कब्जा करने की कोशिशें होती हैं। स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी बरती जाए तथा जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
Ambikapur Kotwali Love Jihad Case
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला मात्र प्रेम विवाह था या साजिश। जिला कलेक्टर एवं एसपी ने संयुक्त बयान जारी कर शांति बनाए रखने का निर्देश दिया है। युवती के परिवार ने पुलिस को धन्यवाद दिया तथा बेटी की सुरक्षा के लिए आभार व्यक्त किया।
यह घटना छत्तीसगढ़-झारखंड सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते सामाजिक मुद्दों को उजागर करती है। स्थानीय निवासियों ने सरकार से आदिवासी लड़कियों के लिए विशेष हेल्पलाइन और जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने की मांग की है। फिलहाल अंबिकापुर कोतवाली में शांति बनी हुई है।
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