Ambikapur Blood Center has received official approval for blood component manufacturing and utilization: सरगुजा:अंबिकापुर। 26 दिसंबर 2025:अंबिकापुर जिला अस्पताल स्थित ब्लड सेंटर को अब रक्त के विभिन्न घटकों के निर्माण और उपयोग की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। इस स्वीकृति के साथ सरगुजा संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई मजबूती और गति मिलने की उम्मीद है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ (Food & Drugs Administration, C.G.) ने हाल ही में जारी आदेश के माध्यम से यह महत्वपूर्ण स्वीकृति प्रदान की है। आदेश के मुताबिक अंबिकापुर जिला अस्पताल के ब्लड सेंटर को अब वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप रक्त को विभिन्न घटकों में पृथक कर उनके सुरक्षित उपयोग की अनुमति रहेगी।
जारी एंडोर्समेंट लेटर में स्पष्ट किया गया है कि ब्लड सेंटर को निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक मशीनरी, कोल्ड चेन, लैब इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता के आधार पर यह स्वीकृति दी गई है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला अस्पताल अंबिकापुर को इस अनुमोदन के क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वीकृति के बाद ब्लड सेंटर में लिए गए संपूर्ण रक्त को अब आवश्यकता के अनुसार विभिन्न घटकों में विभाजित किया जा सकेगा। इनमें मुख्य रूप से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, पैक्ड रेड सेल्स, क्रायोप्रेसिपिटेट तथा अन्य घटक शामिल हैं, जिनका उपयोग अलग–अलग तरह के मरीजों के उपचार में किया जाता है।
अब तक सरगुजा संभाग के मरीजों को इन घटकों की आपूर्ति के लिए रायपुर या अन्य बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर घटक उपलब्ध न होने से गंभीर रोगियों के उपचार में कठिनाई आती थी, जिसे यह सुविधा काफी हद तक दूर करेगी।
रक्त घटक पृथक्करण की सुविधा शुरू होने से थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, डेंगू, प्रसूति संबंधी जटिलताओं, भारी रक्तस्राव और गंभीर दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर उचित घटक मिल पाएंगे। इससे एक ओर जहां रोगियों के जीवनरक्षक उपचार की संभावना बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर अनावश्यक रूप से पूरे रक्त के उपयोग पर भी नियंत्रण हो सकेगा।
चिकित्सकों के अनुसार घटक थेरेपी से मरीज को केवल वही हिस्सा दिया जाता है जिसकी उसे जरूरत होती है, जिससे दुष्प्रभाव कम होते हैं और रक्त की उपलब्धता अधिक मरीजों तक पहुंच पाती है। अंबिकापुर में यह सुविधा उपलब्ध होने से जिले के साथ–साथ आसपास के जशपुर, कोरिया, बलरामपुर और अन्य जिलों के मरीज भी लाभान्वित होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ब्लड सेंटर में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर, पैथोलॉजिस्ट और लैब टेक्नीशियन को रक्त घटक प्रबंधन की विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही मशीनों के संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, रिकॉर्ड संधारण और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के मानकों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन कराया गया है।
फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने निर्देश दिया है कि ब्लड घटकों के निर्माण के दौरान सभी राष्ट्रीय दिशानिर्देशों, SOP और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। समय–समय पर निरीक्षण, सैंपल जाँच और ऑडिट के माध्यम से सुविधा की गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।
रक्त घटक निर्माण की सुविधा शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जरूरतमंद मरीजों को अब कम समय में उचित घटक उपलब्ध कराया जा सकेगा। पहले जहां परिजनों को घटक के लिए बाहर के मेडिकल कॉलेजों और निजी ब्लड बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब वही सुविधा जिले में सरकारी स्तर पर उपलब्ध रहेगी।
इसके साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों से प्राप्त रक्त का उपयोग भी अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। एक यूनिट रक्त से विभिन्न घटक निकालकर कई मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी, जिससे रक्त की कमी की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है।
राज्य सरकार लंबे समय से जिला स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ करने और उन्हें क्षेत्रीय रेफरल सेंटर के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में अंबिकापुर जिला अस्पताल को रक्त घटक निर्माण की स्वीकृति को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे यहां की चिकित्सा सुविधाओं को मेडिकल हब के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को बल मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भविष्य में इसी मॉडल को अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा, ताकि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी उच्च स्तरीय रक्त संबंधी सेवाएं उसी जिले में उपलब्ध हो सकें। इसके लिए आवश्यक बजट, संसाधन और मानवबल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है।
Ambikapur Blood Center has received official approval for blood component manufacturing and utilization
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि रक्त घटक निर्माण एक अत्यंत संवेदनशील और तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें थोड़ी सी लापरवाही भी मरीजों के लिए गंभीर जोखिम बन सकती है। इसलिए ब्लड सेंटर के लिए जरूरी है कि वह संक्रमण नियंत्रण, सख्त स्क्रीनिंग, सही स्टोरेज तापमान और परिवहन की व्यवस्था पर लगातार ध्यान दे।
फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने भी अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि घटक निर्माण की क्षमता बढ़ाने के साथ–साथ सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता न हो। नियमित आंतरिक ऑडिट, कर्मचारी प्रशिक्षण और उपकरणों की समय–समय पर सर्विसिंग को अनिवार्य किया गया है, ताकि सुविधा लंबे समय तक सुचारु रूप से चल सके।
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