अंबिकापुर में दो लाख के नशीले इंजेक्शन के साथ सप्लायर गिरफ्तार, जेल भेजा गया ​ : In Ambikapur supplier arrested with narcotic injections worth two lakh rupees and sent to jail

Uday Diwakar
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In Ambikapur supplier arrested with narcotic injections worth two lakh rupees and sent to jail: सरगुजा:​​​अंबिकापुर। ​ ​अंबिकापुर में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें आबकारी उड़नदस्ता टीम ने करीब दो लाख रुपये कीमत के प्रतिबंधित इंजेक्शन के साथ एक सप्लायर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई सरगुजा संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी लंबे समय से अलग‑अलग कस्बों में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई कर युवाओं को नशे के जाल में फंसा रहा था, जिस पर विभाग की विशेष टीम नजर रखे हुए थी।​

सूत्रों के मुताबिक बीती रात उड़नदस्ता कार्यालय को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि थाना लखनपुर क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला युवक अपने घर में भारी मात्रा में नशीला इंजेक्शन छिपाकर रखता है और देर रात के समय ग्राहकों को बुलाकर बिक्री करता है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सहायक जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें उपनिरीक्षक और सशस्त्र बल के जवानों को शामिल किया गया। टीम ने बिना समय गंवाए योजनाबद्ध तरीके से गांव की घेराबंदी की और संदिग्ध के घर के आसपास सतर्क निगरानी शुरू कर दी, ताकि किसी भी हाल में आरोपी हाथ से न निकल सके।

बताया जा रहा है कि जैसे ही टीम को पुख्ता संकेत मिला कि आरोपी घर में मौजूद है और कुछ संदिग्ध लोगों के आने की प्रतीक्षा कर रहा है, अधिकारियों ने दबिश देने का निर्णय लिया। रात करीब दस बजे के आसपास टीम ने अचानक घर के मुख्य दरवाजे पर दस्तक दी और अपने परिचय के बाद तलाशी की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रारंभिक तलाशी में सामान्य दवाइयां और घरेलू सामान मिलने के बावजूद अधिकारियों को अलमारी और बिस्तर के नीचे छुपाकर रखे कुछ प्लास्टिक के पैकेट संदिग्ध लगे, जिनमें इंजेक्शन के डिब्बे भरे हुए थे। आरोपी शुरू में बहाना बनाकर इन्हें सामान्य दवाई बताते रहा, लेकिन अधिकारियों ने पैकेट खोलकर देखने पर मामला साफ‑साफ सामने आ गया।

तलाशी के दौरान टीम ने आरोपी के घर से रेक्सोजेसिक और एवील ब्रांड के नशीले इंजेक्शन के दर्जनों पैकेट बरामद किए, जिनमें कुल 90 से अधिक वायल होने की जानकारी सामने आई है। ये दोनों इंजेक्शन सामान्य रूप से दर्दनिवारक के रूप में उपयोग किए जाते हैं, लेकिन नशे के आदी तत्व इन्हें नशा करने के लिए उच्च मात्रा में इस्तेमाल करते हैं, जिसके चलते इन्हें प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है। बरामद इंजेक्शनों की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग दो लाख रुपये के आसपास आंकी गई है, जो यह दर्शाती है कि आरोपी छोटे स्तर का नहीं बल्कि व्यवस्थित सप्लायर के तौर पर सक्रिय था। अधिकारियों ने मौके पर ही सभी वायल की गिनती कर पंचनामा तैयार किया और माल जब्त कर थाने में जमा करा दिया।​

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जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरफ्तार युवक प्रीतम कुमार रवि नाम का है, जो स्थानीय स्तर पर मेडिकल व्यवसाय से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में रहकर इंजेक्शन की अवैध सप्लाई करता था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बाहर के राज्यों से इंजेक्शन मंगवाकर यहां थोक में बेचता था और हर खेप में मोटा मुनाफा कमाता था। वह खास तौर पर ऐसे युवाओं और नशे के आदि लोगों को टारगेट करता था, जो खुलेआम नशा नहीं कर पाते और इंजेक्शन के माध्यम से छिपकर नशा करने की कोशिश करते हैं। पुलिस को शक है कि उसके संपर्क में और भी लोग हैं, जो अलग‑अलग जिलों में नशीला इंजेक्शन पहुंचाने का काम कर रहे हैं, जिसके चलते उसके मोबाइल और बैंक डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।​

आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत मामला दर्ज किया है, जो वाणिज्यिक मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ रखने और सप्लाई करने पर कठोर सजा का प्रावधान करती है। केस डायरी के अनुसार आरोपी के कब्जे से बरामद इंजेक्शन की मात्रा को देखते हुए उस पर 10 वर्ष से अधिक की सजा और भारी जुर्माने की संभावना बनती है। अधिकारियों ने कहा कि मामले को ‘टेस्ट केस’ के रूप में पेश किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में सक्रिय अन्य सप्लायरों को कड़ा संदेश मिल सके कि नशीले इंजेक्शन की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुबह आबकारी टीम ने आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय अंबिकापुर में पेश किया, जहां अभियोजन पक्ष ने आरोपी की गतिविधियों और जब्त सामग्री के आधार पर न्यायिक हिरासत की मांग रखी। न्यायाधीश ने केस डायरी और जब्ती पंचनामा का अवलोकन करने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए, जिसके बाद उसे सीधे जेल दाखिल कर दिया गया। अदालत परिसर में उपस्थित लोगों के अनुसार आरोपी पूरे समय सिर झुकाए खामोश रहा और मीडिया द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब देने से बचता रहा।

इस पूरी कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के साथ उपनिरीक्षक आकाश साहू, मुख्य आरक्षक रमेश दुबे, आरक्षक अशोक सोनी, नगर सैनिक रणविजय सिंह और महिला सैनिक राजकुमारी सिंह की विशेष भूमिका बताई जा रही है। टीम ने कठिन परिस्थितियों में रात के समय गांव में घेराबंदी कर बिना किसी हंगामे के आरोपी को शांतिपूर्वक गिरफ्तार किया, जिसकी प्रशासनिक स्तर पर सराहना हो रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार ऐसे ऑपरेशन के लिए पहले से गोपनीय रणनीति तैयार की जाती है, ताकि खबर लीक न हो और आरोपी को भागने का मौका न मिले।

In Ambikapur supplier arrested with narcotic injections worth two lakh rupees and sent to jail

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं के खिलाफ चल रहा अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और जिन इलाकों से संदेहास्पद गतिविधियों की सूचना मिलेगी, वहां तुरंत दबिश दी जाएगी। खास तौर पर नशीले इंजेक्शन की तस्करी पर फोकस रखा जा रहा है, क्योंकि इससे कम समय में अधिक नशा होता है और इसकी आदत पड़ने पर युवक जल्दी गंभीर शारीरिक‑मानसिक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि मेडिकल दुकानों की नियमित जांच कर यह देखा जाएगा कि कहीं बिना पर्ची ऐसे इंजेक्शन तो नहीं बेचे जा रहे, और यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर उन पर भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी मोहल्ले, गांव या बाजार में संदिग्ध तरीके से इंजेक्शन या अन्य नशीली दवाओं की बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या आबकारी विभाग को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि अकेला विभाग इस महाअभियान को सफल नहीं बना सकता, जब तक कि समाज भी इसमें सक्रिय भागीदारी न दिखाए और अपने बच्चों‑युवाओं को नशे की बुरी लत से बचाने के लिए जागरूक न हो। अंबिकापुर में हुई ताजा कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि प्रशासन अब नशीले इंजेक्शन की हर खेप को ट्रैक करने और सप्लायरों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए पूरी तरह तैयार है।


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