A horrific road accident in Duldula Jashpur: जशपुर: जशपुर जिले के दुलदुला थाना क्षेत्र में रात एक भयावह सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। पतराटोली के पास एक तेज रफ्तार आई-20 कार और सड़क किनारे खड़े ट्रेलर ट्रक की भिड़ंत में कार में सवार पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे चराईडाँड़ इलाके के लिए बेहद दुःखद खबर है, जिसने वहां के निवासियों को गहरा आघात पहुंचाया है।
पुलिस एवं स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कार जशपुर की ओर आ रही थी। पतराटोली के समीप सड़क के किनारे खड़ा ट्रेलर ट्रक कार की सीधे टक्कर के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में बैठे पांचों यात्री वर्तमान में ही अस्मान सिधार गए। इन मृतकों के नाम और पहचान अभी पुलिस सक्रिय रूप से कर रही है, पर प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि ये सभी चराईडाँड़ क्षेत्र के ही निवासी हैं।
दुलदुला थाना प्रभारी, के.के. साहू ने इस दुर्घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हादसे की वजह संभवतः ट्रेलर ट्रक के सड़क किनारे खड़े रहने के कारण सामने आई कम दूरी और कार का तेज चलना है। हालांकि, वाहन चालकों की लापरवाही, सड़क की खराब स्थिति या अंधेरे की वजह से हुई चूक की भी जांच की जा रही है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ यातायात विभाग की टीमें जल्द ही घटनास्थल का मुआयना करेंगी ताकि दुर्घटना की सटीक वजहों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें।
मृतकों की पहचान और परिवार का दुख
मृतकों के परिवारों को हादसे की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। दुलदुला पुलिस ने परिजनों से तुरंत संपर्क कर पहचान प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस दुखद घटना ने आसपास के गांवों व समुदाय में गहरी संवेदना और चिंता की लहर दौड़ा दी है।
पुलिस ने बताया कि सभी मृतक एक ही गांव के निवासी हैं, जो इस इलाके में अपनी पहचान और सामाजिक संबंधों के लिए जाने जाते थे। परिवार अब इस असमय मृत्यु के सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है, जबकि प्रशासन भी उनकी आर्थिक व कानूनी सहायता के लिए तत्पर है। मृतकों के शवों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम कराकर अगली कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इस हादसे ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता उत्पन्न कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि पतराटोली और आसपास के इलाकों में सड़क सुरक्षा की व्यवस्था कमजोर है और तेज रफ्तार वाहन काफी खतरनाक साबित हो रहे हैं। कई लोग सड़क के किनारे खड़े वाहनों के लिए उचित स्थान नहीं होने की भी शिकायत कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।
इस पर दुलदुला थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और सड़क सुरक्षा के लिए कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ट्रेलर और अन्य भारी वाहनों के लिए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था बेहतर की जाएगी। साथ ही, ड्राइवरों को अधिक सावधानी बरतने के लिए जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। प्रशासन दुर्घटना की जांच के बाद इस क्षेत्र में यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई भी करेगा।
जशपुर जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की समस्या कम नहीं हो रही है। यहां की राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों और नियमों की अनदेखी के कारण हादसे होते रहते हैं। पिछले कुछ महीनों में भी यहां कई जानलेवा सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है और कई घायल हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटनाओं की निरंतर बढ़ती संख्या के पीछे मुख्य कारण हैं- सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन न करना, अपर्याप्त सड़क सुधार और उचित चेतावनी संकेतों का अभाव। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कड़े नियम लागू किए जाएं और ड्राइवरों के लिए ट्रैफिक शिक्षा बढ़ाई जाए।
सड़क दुर्घटना के बाद मृतकों के परिवारों को न्याय देने और ऐसी घटनाओं को दोबारा न होने देने के लिए पूरे स्थानीय समाज में एकजुटता का संकल्प दिखा है। प्रशासन, सामाजिक संगठन और नागरिक मिलकर सड़क सुरक्षा को लेकर कई कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियां रुक सकें।
स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि सड़क किनारे खड़े वाहनों के लिए सुरक्षित और चिह्नित पार्किंग स्थल बनाए जाएं, और वाहन चालकों तथा ट्रक मालिकों को सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना सिखाया जाए। इसके अलावा, सड़क की खराब हालत को भी सुधारा जाए ताकि हादसों की वजहें कम हों।
A horrific road accident in Duldula Jashpur
जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र में हुई यह दुखद दुर्घटना सड़क सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदमों की आवश्यकता को स्पष्ट कर देती है। पांच निर्दोष लोगों की जान गई है, जिससे उनके परिवारों व आसपास के लोग गहरे शोक में डूबे हैं। इस हादसे से एक बार फिर प्रशासन और स्थानीय लोगों पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे मिलकर सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएं ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को कोई दोबारा न देखना पड़े।
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