Accident in Jashpur Drunk youth hit by high speed patrol vehicle: सरगुजा:जशपुर, छत्तीसगढ़ के दुलदुला थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और पेट्रोलिंग की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। जानकारी के अनुसार, लोरो घाट क्षेत्र में एक तेज रफ्तार और कथित तौर पर नशे में धुत पेट्रोलिंग वाहन ने एक स्कूटी सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि युवक का एक पैर कटकर मौके पर ही अलग हो गया। इस भीषण टक्कर के बाद न केवल युवक की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गई, बल्कि इलाके के लोग भी दहशत और चिंता में डूब गए।
देर रात करीब 12 बजे यह हादसा हुआ, जब स्कूटी सवार युवक अपने घर लौट रहा था। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि पेट्रोलिंग गाड़ी, जो आमतौर पर सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहती है, अनियंत्रित सावधानी विहीन रफ्तार में थी। लोगों का आरोप है कि हादसे के वक्त वाहन चालक शराब के नशे में था, जिससे उसकी प्रतिक्रिया धीमी हो गई और वाहक अपना नियंत्रण खो बैठा। टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और युवक का एक पैर पूरी तरह अलग हो गया।
हादसे के तुरंत बाद, आसपास के लोग चीख-पुकार सुनकर मौके पर इकट्ठा हो गए और घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के बाद पेट्रोलिंग वाहन के चालक व सहकर्मियों ने भागने की कोशिश की, परंतु स्थानीय जनता ने पुलिस को घेरकर रोका और पूछताछ की मांग की। मौके की गंभीरता को देखते हुए इलाका पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंचे और तुरंत मेडिकल सहायता के इंतजाम किए गए।
घायल युवक की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, टक्कर के समय लगे गहरे जख्म एवं पैर का कटाव अत्यंत नाजुक स्थिति पैदा कर चुके हैं। तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद युवक को रेफर कर दिया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी हुई है। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल पर कोई मेडिकल स्टाफ या एंबुलेस पेट्रोलिंग टीम के साथ मौजूद नहीं थी, जिससे समय पर इलाज शुरू नहीं हो पाया और खून अधिक बह गया।
स्थानीय लोगों एवं मृतक के परिजनों ने पेट्रोलिंग वाहन चालक और पूरी व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। घटना के समय वाहन चालक नशे में था या नहीं, इसकी पुलिसिया जांच की मांग ज़ोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि पेट्रोलिंग का उद्देश आतंक या असुरक्षा नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा है और यदि इसी सुरक्षा तंत्र की लापरवाही से हादसे होने लगें, तो आम जनता का पुलिस पर से भरोसा ही उठ जाएगा। घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिस स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है।

Accident in Jashpur Drunk youth hit by high speed patrol vehicle
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा बयान जारी किया गया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनियंत्रित गति की पुष्टि हो रही है। वाहन चालक का मेडिकल टेस्ट करवा लिया गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का भरोसा अवश्य दिलाया गया है, लेकिन लोग पूर्व में ऐसी घटनाओं के दोषियों पर कमज़ोर कार्रवाई को लेकर असंतुष्ट हैं।
घटना के बाद जशपुर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और पेट्रोलिंग वाहनों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं:
- क्या पेट्रोलिंग टीमों को नियमित ट्रेनिंग और मेडिकल जांच दी जाती है?
- क्या पेट्रोलिंग गाड़ियों की नियमित तकनीकी जांच होती है?
- नशे में कार या सरकारी वाहन चलाने पर कठोर दंड का प्रावधान क्यों नहीं लागू किया जाता?
- रोड पर नागरिकों की सुरक्षा के नाम पर तैनात पुलिस टीमें यदि खुद दुर्घटना और मौत की वजह बनें, तो जवाबदेह कौन?
जनता का मानना है कि समय रहते ऐसे मामलों में उदाहरण प्रस्तुत किया जाए, जिससे अन्य पेट्रोलिंग टीमों में अनुशासन और जिम्मेदारी का भाव बढ़े।
हादसे के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है। युवक के माता-पिता और परिजनों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। परिवार के मुताबिक युवक परिवार का एकमात्र सहारा था, और इस घटना के बाद उसकी पूरी जिंदगी अधर में लटक गई है। आर्थिक मदद, सरकारी सहायता और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग लगातार सोशल मीडिया और चौपालों में हो रही है।

जशपुर की यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, पुलिस पेट्रोलिंग की जिम्मेदारी और नागरिकों के जीवन के अधिकार से जुड़े गंभीर सवालों को उजागर करती है। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जनविश्वास और तंत्र दोनों पर गहरा असर पड़ सकता है।
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