Approval of Radiotherapy Department in Ambikapur Medical College: सरगुजा:अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में रेडियोथेरेपी विभाग की स्वीकृति सरगुजा संभाग के कैंसर मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर है। राज्य शासन द्वारा वित्त विभाग की अनुशंसा पर इस विभाग के लिए सात पदों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें एक प्राध्यापक, दो सहायक प्राध्यापक, दो सीनियर रेजीडेंट और दो जूनियर रेजीडेंट शामिल हैं। इससे अंबिकापुर व आसपास के जिलों को स्थानीय स्तर पर कैंसर उपचार के लिए आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
अब तक सरगुजा मेडिकल कॉलेज में रेडियोथेरेपी विभाग नहीं था, जिसके कारण कैंसर मरीजों को रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों की ओर इलाज के लिए जाना पड़ता था। लंबी दूरी और आर्थिक समस्याओं के कारण कई मरीज समय पर उपचार नहीं पा पाते, जिससे बीमारी की गंभीरता और मौत का खतरा दोनों बढ़ जाते हैं। सरगुजा संभाग में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, ऐसे में स्थानीय रेडियोथेरेपी विभाग की स्थापना समय की जरूरत थी।
राज्य शासन द्वारा विभाग की स्थापना के लिए आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाएँ तय की गईं। मेडिकल कॉलेज स्तर पर विभाग में भर्ती के लिए सात पदों की अनुमति दी गई है। इसमें प्राध्यापक के पद पर योग्य विशेषज्ञ, सहायक प्राध्यापक के रूप में कैंसर विशेषज्ञ, और उन दोनों के अतिरिक्त सीनियर व जूनियर रेजीडेंट्स की व्यवस्था रहेगी, जिससे शिक्षा व गुणवत्ता दोनों मिल सकेंगी। इससे कैंसर उपचार के आधुनिक परीक्षण, निदान व थेरेपी स्थानीय स्तर पर संभव हो पाएगी।
रेडियोथेरेपी कैंसर का उपचार करने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण चिकित्सा तकनीक है जिसमें नियंत्रित विकिरण के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। यह सेवा उपलब्ध होने से चिकित्सकों को कैंसर मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार देने का अवसर मिलेगा। बायोप्सी, CT स्कैन, MRI, ब्रैकीथेरेपी, टेलीथेरेपी जैसी सभी आधुनिक उपचार तकनीकें इस विभाग की स्थापना के साथ संभव होंगी।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में रेडियोथेरेपी विभाग शुरू होने से सरगुजा संभाग के जिलों — जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरबा, रायगढ़ व अन्य क्षेत्रों के मरीजों को राहत मिलेगी। अब उन्हें रायपुर या बिलासपुर तक लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। इससे न सिर्फ समय और व्यय की बचत होगी, बल्कि तत्काल उपचार उपलब्ध रहेगा। साथ ही, मरीजों का मानसिक दबाव भी कम होगा।
छत्तीसगढ़ सरकार कैंसर रोग की रोकथाम व उपचार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कुछ साल पहले सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी सुविधाएँ मेडिकल कॉलेज में शुरू की गई थीं। अब रेडियोथेरेपी विभाग खुलने से कैंसर रोगियों को राज्य स्तर पर पूरी उपचार श्रृंखला मिल सकेगी। इससे अन्य जिलों के मेडिकल कॉलेजों को भी मार्गदर्शन मिलेगा।
नए विभाग के खुलने से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि मेडिकल छात्रों को भी ऑनकोलॉजी व रेडिएशन चिकित्सा के क्षेत्र में अध्ययन, प्रशिक्षण और रिसर्च का मौका मिलेगा। नए विशेषज्ञों की नियुक्ति से शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। विभाग में शोध व नई तकनीकों के प्रयोग से प्रदेश में कैंसर उपचार की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
रेडियोथेरेपी विभाग के सही संचालन के लिए प्रशिक्षित स्टाफ, आधुनिक मशीनें, टेक्निकल सहयोग और पर्याप्त बजट की जरूरत रहेगी। प्रसाशन की जिम्मेदारी होगी कि वे समय पर नियुक्ति, ट्रेन्डिंग और मशीनों की व्यवस्था करें, ताकि विभाग मरीजों के लिए सुचारू रूप से शुरू हो सके। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ महीने में विभाग चालू करने का लक्ष्य है।
Approval of Radiotherapy Department in Ambikapur Medical College
स्थानीय मरीजों, कैंसर सर्वाइवर्स और सामाजिक संगठनों ने विभाग की स्वीकृति का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि इससे गरीब और ग्रामीण मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, और उन्हें समय की बचत के साथ-साथ मानसिक सुकून भी मिलेगा। कैंसर जागरूकता कार्यक्रमों हेतु भी स्थानीय स्तर पर अब विशेषज्ञों की मदद संभव होगी।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में रेडियोथेरेपी विभाग की मंजूरी सरगुजा संभाग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे न सिर्फ प्रदेश के उत्तरी हिस्से में कैंसर उपचार का विस्तार होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्तापूर्ण श्रृंखला भी तैयार होगी। राज्य शासन, प्रशासन और स्थानीय जनता के सम्मिलित प्रयास से यह पहल कैंसर रोगियों को नई जिंदगी देने की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित होगी।
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