Angry son-in-law ties up mother-in-law and father-in-law pelts them with petrol bombs in Koriya: कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक भयावह वारदात सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। साल्ही गांव में एक दामाद ने पत्नी से विवाद और उछत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रिश्तों को शर्मसार करने बात को लेकर इतना खौफनाक कदम उठाया कि पूरे परिवार की खुशियां राख में मिल गईं। आरोपी दामाद सुरेश ठाकुर ने अपने सास-ससुर के घर में पेट्रोल बम फेंककर आगजनी की, जिसमें दोनों बुजुर्गों की दर्दनाक मौत हो गई। सुरेश के साथ उसके दो साथी प्रदीप बैरागी और सहदेव सूर्यवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है ।
यह दर्दनाक घटना 14 अक्टूबर 2025 की रात को कोरिया जिले के बचरा पोड़ी थाना क्षेत्र के बड़े साल्ही गांव में हुई। मृतक बुजुर्ग का नाम राय राम केंवट (60) था और उनकी पत्नी पार्वती बाई (59) थी। पुलिस के अनुसार, देर रात सुरेश ठाकुर अपने साथी प्रदीप बैरागी के साथ चोरी-छिपे ससुराल पहुंचा। दोनों नकाबपोश थे और तीसरा साथी सहदेव बाहर निगरानी में था। उन्होंने घर में घुसकर राय राम को रस्सी से खाट में बांध दिया और पार्वती बाई को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने घर पर पेट्रोल बम फेंका, जिससे आग की लपटों ने सबकुछ नष्ट कर दिया ।
आग लगने के बाद राय राम मौके पर ही जलकर राख हो गए, जबकि सास पार्वती बाई गंभीर रूप से झुलस गईं। पड़ोसियों की मदद से उन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई, और तीन दिन इलाज के बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक रात में पूरा परिवार उजड़ गया ।
जांच में पता चला कि आरोपी सुरेश ठाकुर और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। पत्नी कुछ दिन पहले मायके आ गई थी, जिससे दामाद काफी नाराज था। उसने कई बार पत्नी को वापिस ले जाने की कोशिश की, लेकिन ससुरालवालों ने उसकी हरकतों के कारण इंकार कर दिया। इसी बात से गुस्से में आकर सुरेश ने ससुराल पर हमला करने की योजना बनाई। उसने अपने दो दोस्तों की मदद लेकर ससुराल जलाने का षड्यंत्र रचा और पेट्रोल खरीदने के बाद घर पहुंचा ।
घटना की सूचना मिलते ही बचरा पोड़ी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। घर पूरी तरह जल चुका था और शव बुरी तरह झुलस चुके थे। कोरिया पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सायबर सेल के इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी सुरेश ठाकुर का लोकेशन ट्रैक किया। आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर तक ट्रेस किया गया। बाद में जब वे वापस कोरिया लौट रहे थे, तब रतनपुर-कटघोरा मार्ग पर यात्री बस से सुरेश ठाकुर और प्रदीप बैरागी को गिरफ्तार किया गया। तीसरे आरोपी सहदेव को ठगगांव से पकड़ा गया ।
पूछताछ के दौरान सुरेश ठाकुर ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि पहले उसने अपने ससुरालवालों को डराने की योजना बनाई थी, लेकिन गुस्से में उसने पूरा घर जला दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, सात जिंदा कारतूस, मोटरसाइकिल और पेट्रोल से भरी जेरिकेन बरामद की। अपराध में प्रयुक्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में मामला दर्ज किया है ।
घटना के बाद साल्ही गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि राय राम और पार्वती बाई सभी के साथ सौम्य स्वभाव के थे और कभी किसी से विवाद नहीं करते थे। गांववाले अब भी उस रात का दृश्य नहीं भूल पा रहे। आगजनी के दौरान ग्रामीणों ने बुझाने की कोशिश की लेकिन लपटें इतनी भीषण थीं कि किसी का पास जाना मुश्किल था। पूरे गांव में सिर्फ चीख-पुकार और धुएं का गुबार रह गया था ।
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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकालकर अपराध के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया। कोरिया पुलिस लाइन से कुमार चौक बैकुंठपुर तक आरोपियों को ‘पुलिस हमारी बाप है, अपराध करना पाप है’ के नारे लगवाते हुए ले जाया गया। यह नज़ारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि समाज में भय फैलाकर अपराधियों को संदेश देना आवश्यक है कि अपराध का अंत हमेशा यही होता है ।
यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि घरेलू हिंसा और क्रोध के दुष्परिणामों की गहरी चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में सबसे बड़ा कारण संवादहीनता और असंवेदनशीलता होती है। पति-पत्नी के झगड़ों में जब सामाजिक और मानसिक तनाव बढ़ता है, तब ऐसे अपराध पनपते हैं। इस वारदात ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, ससुराल के विवादों में हस्तक्षेप, और परामर्श व्यवस्थाओं की जरूरत को रेखांकित किया है ।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। वहीं, फॉरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल्स से जोड़े जा रहे साक्ष्य इस केस को मजबूत बना रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या सुरेश ठाकुर की पत्नी को पहले से किसी प्रकार की धमकी या हिंसा का सामना करना पड़ा था ।
कोरिया की यह दर्दनाक घटना बताती है कि कैसे रिश्तों में छोटी-छोटी दरारें तबाही में बदल जाती हैं। एक दामाद का गुस्सा दो निर्दोष जिंदगियां निगल गया और एक परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया। समाज के लिए यह एक बड़ा सबक है कि गुस्से और अहंकार में उठाया गया एक कदम पूरे जीवन की त्रासदी बन सकता है ।
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