Balrampur Woman who went to collect clay for whitewashing house in Madanpur dies: बलरामपुर:बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम मदनपुर के पास छुई मिट्टी निकालने गईं दो महिलाओं के साथ एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ। घर की पुताई के लिए छुई मिट्टी निकालने के दौरान खदान का ऊपरी हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे महिलाएं मिट्टी के नीचे दब गईं। इस दुर्घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां घायल महिला का इलाज चल रहा है। मृतका का शव पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है।
इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और सदमे का माहौल बना दिया है। जानकारियों के मुताबिक, दिवाली के अवसर पर घर की पुताई के लिए कई महिलाएं छुई मिट्टी निकालने निकली थीं। छुई मिट्टी सरगुजा अंचल में बहुतायत में पाई जाती है और इसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में दीवारों और घरों की रंगाई-पुताई में किया जाता है। इस खदान से मिट्टी निकालना जोखिम भरा कार्य रहता है क्योंकि खदान सुरक्षित नहीं होती।
हादसे के वक्त चार महिलाएं खदान में थीं जिनमें से दो महिलाएं मिट्टी के नीचे दब गईं। उनकी मदद के लिए आसपास के ग्रामीण तुरंत पहुंचे और मलबा हटाकर महिलाओं को बाहर निकाला। एक महिला की स्थिति गंभीर थी और उसे तत्काल वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मृत महिला को भी बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
बलरामपुर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि बिना सुरक्षा उपाय किए खदानों में जाने से बचें और ऐसे खतरनाक कार्यों में सावधानी बरतें। तहसीलदार अनुराग केरकेट्टा ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वह खदानों में सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।
घटनास्थल पर समुदाय में शोक और सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है। यह दुर्घटना इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और संसाधनों की कमी में लोग जान जोखिम में डालकर जोखिम भरे कार्य करते हैं। छुई मिट्टी जैसी आवश्यक वस्तु निकालने के लिए ग्रामीण महिलाएं अक्सर इस तरह असुरक्षित खदानों में जाती हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन हादसे की गहन जांच कर रहे हैं। मृतका के परिवार को प्रशासन द्वारा आवश्यक सहायता राशि देने की बात कही जा रही है। वहीं घायल महिला के स्वास्थ्य लाभ के लिए भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
इस घटना ने सरकार और प्रशासन के समक्ष ग्रामीण मजदूर और स्थानीय पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता को एक बार फिर गंभीरता से सामने रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, खानपुरों की सुरक्षा और काम करने वालों के लिए सुविधाओं का प्रावधान करने की मांग अब अधिक जोर पकड़ रही है।
Balrampur Woman who went to collect clay for whitewashing house in Madanpur dies
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में यह घटना एक दुखद श्रद्धांजलि है उन सभी ग्रामीण महिलाओं के लिए जो तन-मन से परिवार और समाज के लिए काम करती हैं, लेकिन इन कारगर साधनों की कमी की वजह से वे अपने जीवन को जोखिम में डालना पड़ता है। प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं अंजाम न पाएं और ग्रामीण सुरक्षित वातावरण में काम कर सकें।
यह घटना हमें प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित, सुरक्षित और मानवीय उपयोग पर भी जूम करने की प्रेरणा देती है कि साधनों के सही प्रबंधन के बिना मानव जीवन के लिए खतरा बढ़ता जाएगा।
बलरामपुर के मदनपुर गांव की इस छुई मिट्टी खदान हादसे की विस्तृत रिपोर्ट में हमने सभी पहलुओं – दुर्घटना का कारण, प्रशासनिक प्रतिक्रिया, सामाजिक प्रभाव और भविष्य की आवश्यकताएं शामिल की हैं, ताकि आम जनता और अधिकारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े और ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।
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