मैनपाट टाइगर प्वाइंट में दर्दनाक हादसा: बीमारी से परेशान युवक ने लगाई छलांग, मौत की आशंका आत्महत्या की : Tragic accident at Mainpat Tiger Point

Uday Diwakar
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Tragic accident at Mainpat Tiger Point: सरगुजा: सरगुजा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में 13 अक्टूबर, 2025 को एक दर्दनाक घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। यहाँ के प्रसिद्ध टाइगर प्वाइंट पर 30 वर्षीय युवक मयंक यादव की गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मयंक लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रस्त था और मानसिक रूप से भी परेशान था। उसके परिवार और परिचितों के अनुसार वह पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था, इसलिए पुलिस इस घटना को आत्महत्या का मामला मान रही है

। घटना ने न केवल मृतक के परिवार पर गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में चिंता और संवेदनशीलता की लहर दौड़ा दी है।मयंक यादव की समस्या और मानसिक स्थितिमयंक यादव उम्र में मात्र 30 वर्ष था, लेकिन वह काफी समय से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की जटिलताओं से जूझ रहा था। उसकी बीमारी ने उसके जीवन को प्रभावित किया था और वह अपने आसपास के लोगों से कटाव महसूस कर रहा था। परिवारवालों के अनुसार मयंक की बीमारी जीवन यापन में बाधा बन रही थी, जो उसकी मानसिक स्थिति को कमजोर कर रही थी।

यह भी बताया गया कि उसने पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन वह बच गया था।इस पृष्ठभूमि में, मयंक द्वारा टाइगर प्वाइंट से छलांग लगाने को समझना मुश्किल नहीं है। ऐसे मामलों में मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है। अगर समय रहते उचित काउंसलिंग और चिकित्सीय सहायता मिलती तो शायद यह दुखद घटना नहीं होती। मयंक की यह दर्दनाक मौत मानसिक बीमारियों पर सामाजिक जागरूकता और विभिन्न सहायता प्रणाली की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है।

मैनपाट के टाइगर प्वाइंट पर काफी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। यह स्थान अपनी खूबसूरती और प्राकृतिक दृश्यावलियों के कारण लोकप्रिय है। उसी समय मयंक टाइगर प्वाइंट के पास एक ऊँची चट्टान से नीचे गिर गया। उसकी गिरावट लगभग 60-80 फीट की ऊँचाई से हुई। गिरते ही मयंक को गंभीर चोटें पहुंची, विशेषकर सिर पर, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोग इस दृश्य को देखकर डर गए और उन्होंने शीघ्र पुलिस को सूचना दी।

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दल ने घटना स्थल पर पहुंचकर जबर्दस्त मेहनत से शव को खाई से बाहर निकाला। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और सामुदायिक स्वयंसेवकों के सहयोग भी शामिल थे। घटना की जांच के लिए मेडिकल टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने शव के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की।

Tragic accident at Mainpat Tiger Point

कमलेश्वरपुर थाना पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मृतक की बीमारी, पिछले आत्महत्या के प्रयास और स्थिति को देखा गया है। पुलिस को घटना स्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, परन्तु परिस्थितियों और परिवार की जानकारी के आधार पर आत्महत्या की संभावना को अधिक माना जा रहा है।

पुलिस ने मृतक के परिवार, मित्रों और आसपास के समुदाय के सदस्यों से पूछताछ की है, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाया जा सके। इस दौरान पुलिस मानसिक दबाव, पारिवारिक स्थिति और आर्थिक हालात जैसे पहलुओं पर भी फोकस कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि वे जांच के दौरान सभी संभावनाओं का ध्यान रखेंगे और यदि कोई आरोप साबित होता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मैनपाट टाइगर प्वाइंट: एक लोकप्रिय लेकिन खतरनाक पर्यटन स्थलमैनपाट टाइगर प्वाइंट छत्तीसगढ़ के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है। इसकी खूबसूरत घाटियां, अविस्मरणीय प्राकृतिक दृश्य और ठंडी वायु पर्यटकों को हर साल हजारों की संख्या में आकर्षित करती हैं। लेकिन इस स्थान की एक बड़ी समस्या इसकी ऊंची खाईयाँ और झरने हैं, जिनकी वजह से कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई प्रयास किए हैं, जैसे चेतावनी बोर्ड लगाना, रैलिंग निर्माण और पर्यटकों को निर्देश देना। बावजूद इसके कुछ लोग जोखिम उठाते हैं और निर्धारित नियमों का पालन नहीं करते। यह लापरवाही कभी-कभी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है, जैसे कि हाल ही में मयंक यादव की मौत के मामले में हुआ।पर्यटन विभाग और पुलिस ने इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। संभावित उपायों में रैलींग का निरीक्षण, सुरक्षा गार्ड की तैनाती, पर्यटक मार्ग के निरीक्षण और आपातकालीन सेवाओं का विस्तार शामिल है। इसके साथ ही पर्यटकों को भी जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान जारी किया जाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समर्थन की जरूरतयह दुखद घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और सामाजिक समर्थन के अभाव की समस्या को उजागर करती है। भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अब भी जागरूकता कम है, और कई बार व्यक्ति सहायता मांगने से कतराते हैं।मयंक यादव जैसे मरीजों को मेडिकल उपचार के साथ-साथ काउंसलिंग, फॅमिली सपोर्ट, और सामुदायिक सहयोग की जरूरत होती है। अगर समय रहते उनके इलाज और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल की जाती, तो संभव है कि यह हादसा टल सकता।

सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकार को मिलकर ऐसे मामलों के लिए बेहतरीन हेल्पलाइन, फ्री काउंसलिंग सेवाएं, ऑटिस्माइंडेड परिवारों के लिए सहायता केंद्र और जागरूकता अभियान चलाना होगा। मानसिक स्वास्थ्य का महत्व बढ़ाना और लोगों को stigma से मुक्त करना इस दिशा में पहला कदम होगा।परिवार और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियामयंक के परिवार वाले इस घटना से गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि मयंक मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार था, और उसने परिवार से अलग होकर कुछ समय अकेले बिताया था। वे चाहते हैं कि सरकार और प्रशासन इस विषय पर विशेष ध्यान दें और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक भी इस घटना से भयभीत हैं, कईयों ने प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था में कमी का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि खतरनाक पर्यटन स्थलों पर बेहतर सुरक्षा इंतजाम किए जाएं जिससे आगे कोई दुर्घटना न हो।

पर्यटन और सुरक्षा का संतुलनमैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों का विकास स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्त्वपूर्ण है। यह रोजगार के अवसर बढ़ाता है और क्षेत्र का विकास करता है। लेकिन साथ ही पर्यटन की गुणवत्ता और पर्यटक सुरक्षा के लिए सख्त नियमों का पालन भी जरूरी है।स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग को मिलकर पर्यटकों के लिए सुव्यवस्थित और सुरक्षित माहौल बनाना होगा।भविष्य की दिशाइस तरह की घटनाएं चेतावनी देती हैं कि केवल बेहतर सुरक्षा उपकरण पर्याप्त नहीं होते, बल्कि सामाजिक चेतना, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परित्यक्त परिवारों के लिए सुरक्षा जाल भी जरूरी है।

सरकार को चाहिए कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाए, मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करे और सामुदायिक सहयोग के लिए स्थानीय संगठनों को मजबूत करे। इसके साथ ही पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करवाना होगा।निष्कर्षमैनपाट टाइगर प्वाइंट की यह दुखद घटना समाज, प्रशासन और चिकित्सा जगत के लिए एक गहरी सीख है। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी, सामाजिक सहयोग की कमी, और पर्यटन स्थल सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है।

मयंक यादव की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों ने परिवार की मदद और न्याय की मांग की है। आशा की जा रही है कि प्रशासन जांच के माध्यम से सच सामने लाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

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