Angry over the interruption of conversation young man stabbed a petrol pump employee to death in Ambikapur: सरगुजा: सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी कि पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। एक युवक ने निजी नाराजगी की वजह से पेट्रोल पंप पर काम करने वाली युवती की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी। इस दर्दनाक वारदात से न केवल स्थानीय लोग स्तब्ध हैं, बल्कि समाज में प्रेम संबंधों के टूटने और उनसे उपजे मानसिक तनाव की गंभीरता पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर सुबह तकरीबन 8 बजे आम दिनों की तरह कामकाज चल रहा था। इसी दौरान वहां पर काम करने वाली 24 वर्षीय युवती अपने रोज़मर्रा के कार्यों में व्यस्त थी। तभी अचानक पेट्रोल पंप के पास एक युवक पहुंचा, जिसकी पहचान जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन (28 वर्ष), निवासी भुइसीकला थाना कुसमी, जिला बलरामपुर के रूप में हुई। आरोपी जोगेंद्र हाल के दिनों में अंबिकापुर के श्याम लॉज में रह रहा था।
युवक ने पहले युवती से कुछ कहासुनी की, उसके बाद अचानक दुकान से खरीदे हुए चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी ने युवती के शरीर पर लगातार कई वार किए, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ी और गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात से पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घायल युवती को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के तुरंत बाद पेट्रोल पंप में मौजूद लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया और गांधीनगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया और उसे थाने ले गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका मृतिका के साथ पूर्व में प्रेम संबंध था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से युवती ने उससे पूरी तरह बातचीत बंद कर दी थी। इसी कारण वह नाराज और मानसिक तनाव में था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले दुकान से चाकू खरीदा और वारदात के लिए योजनाबद्ध तरीके से पेट्रोल पंप पहुंचा।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है और आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आरोपी को हत्या के गंभीर आरोप में न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Angry over the interruption of conversation young man stabbed a petrol pump employee to death in Ambikapur
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि मृतिका और आरोपी के बीच पहले गहरे प्रेम संबंध थे। दोनों लंबे समय तक एक दूसरे से जुड़े रहे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से युवती ने अपनी निजी वजहों से आरोपी से दूरी बना ली थी और बातचीत पूरी तरह बंद कर दी थी। इससे आरोपी जोगेंद्र मानसिक रूप से काफी परेशान था। सूत्रों के अनुसार वह कई बार युवती से संपर्क करने की कोशिश कर चुका था, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी थी।
परिजनों के बयान से पता चला कि मृतिका रिश्ते को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं थी और अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहती थी। लेकिन आरोपी युवती के फैसले को स्वीकार नहीं कर पाया। इस मनोस्थिति के चलते उसने गुस्से में आकर इतना बड़ा कदम उठा लिया।
पेट्रोल पंप पर दिनभर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल रहा। स्थानीय नागरिकों में उद्वेग और गुस्सा था। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए एक खतरनाक संकेत हैं, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की चिंता और भी बढ़ गई है। आसपास के दुकानदारों और ग्राहकों ने मृतिका के लिए शोक जताया और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही पेट्रोल पंप मालिकों को जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोपी का अपराध कबूलना
गांधीनगर थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि आरोपी जोगेंद्र पैकरा ने पूछताछ के दौरान अपराध कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह युवती से बात करने का कई बार प्रयास कर चुका था, लेकिन हर बार उसे अनदेखा किया गया। गुस्से में आकर उसने पहले दुकान से चाकू खरीदा और फिर पेट्रोल पंप पहुंचकर इस हत्या को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कार्यवाही के लिए कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
इस सनसनीखेज घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय न्यूज़ चैनलों तक प्रेम संबंधों, महिलाओं की सुरक्षा, वर्कप्लेस हिंसा और मानसिक तनाव जैसे मुद्दों को लेकर बहस हो रही है। समाजशास्त्रियों के अनुसार, इस घटना ने फिर साबित किया है कि अस्वीकृति और संबंधविच्छेद जैसी परिस्थितियों में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की सख्त जरूरत होती है।
मृतिका के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी मेहनती और आत्मनिर्भर थी, जो अपने काम में पूरी तरह समर्पित थी। उन्होंने पुलिस व प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
परिवार की एक सदस्य ने कहा, “हमारी बेटी ने अपने आत्मसम्मान के लिए सही फैसला लिया था। किसी महिला के इनकार को यदि कोई अपराध मानता है और हिंसा करता है, तो उसे सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।”
सरगुजा जिला पुलिस ने घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने महिला सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गश्त और पेट्रोल पंप जैसी सार्वजनिक जगहों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। सोशल सेंसिटाइजेशन का अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसमें युवाओं को गुस्से पर नियंत्रण और मानवीय संबंधों को सकारात्मकता के साथ संभालने की सलाह दी जाएगी।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि प्रेम संबंध टूटना या अस्वीकृति मिलना जीवन का हिस्सा है, लेकिन इसकी वजह से हिंसक होना खतरनाक है। ऐसे युवाओं को परिवार व समाज से संवाद, काउंसलिंग और गाइडेंस मिलनी चाहिए, ताकि वे ऐसी घटनाओं से बच सकें। इस घटना के बाद मनोचिकित्सकों ने पेट्रोल पंप कर्मियों व अन्य युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सलाह और सहायता देने की जरूरत पर जोर दिया है।
गांधीनगर थाना क्षेत्र में घटी इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। युवक ने अपने अस्वीकार को हिंसा में बदल दिया, जिससे समाज के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं। यह घटना केवल कानून व्यवस्था का ही सवाल नहीं उठाती, बल्कि प्रेम संबंधों के अस्वीकृत होने पर मानसिक तनाव की गंभीरता को भी रेखांकित करती है। प्रशासन और समाज दोनों को सामूहिक रूप से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रयास तेज करने होंगे, ताकि महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
यह भी पढ़ें-जनपद पंचायत प्रतापपुर की केरता ग्राम पंचायत में सचिव की अनुपस्थिति से योजनाएं प्रभावित, ग्रामीण परेशान