bribery and corrupt conduct by the court Tehsildar Bhaiyathan: सूरजपुर : मैं, सौरभ प्रताप सिंह, पुत्र-श्रीमती मंजू सिंह (निवासी ग्राम इन्दरपुर, तहसील ओडगी, जिला सूरजपुर) आपकी संज्ञान में यह गंभीर प्रकरण लाना चाहता हूँ। मेरी माता जी का भूमि विवाद (ख.नं. 819/10, रकबा 0.40 हे., ग्राम इन्दरपुर) न्यायालय तहसीलदार भैयाथान में प्रकरण संख्या 202309261100011/A-70-2022-23 के रूप में दर्ज था।
bribery and corrupt conduct by the court Tehsildar Bhaiyathan
इस प्रकरण से संबंधित घटनाक्रम निम्नानुसार है: घटनाक्रम
लंबे दबाव, डराने-धमकाने और बार-बार कॉल करने के बाद, अंततः मामला ₹1,00,000 पर फाइनल हुआ।
तत्कालीन तहसीलदार श्री संजय कुमार राठौर ने मुझसे कहा कि “प्रकरण ओडगी से भैयाथान स्थानांतरित करवा लो, मैं तुम्हारा जल्द से जल्द निवारण करवाने की कोशिश करूँगा।”
इसके पश्चात उन्होंने iPhone 16 Pro Max (1 TB) उपहार या फिर ₹2,00,000 की रिश्वत की माँग की, मैंने रिश्वत देने से साफ़ मना कर दिया।
श्री राठौर ने अपने घर का किचन का सामान, गद्दे आदि मिलाकर लगभग ₹30,000 का सामान भी मुझसे खरीदवाया।
इसके बाद उन्होंने मुझसे ₹50,000 नकद लिए (स्थान: सूरजपुर थाने के सामने, उनकी निजी कार में बैठाकर)। शेष राशि बाद में देने का दबाव बनाया गया।
इसके बावजूद, आदेश पारित करने के नाम पर प्रकरण को लगभग तीन वर्ष तक लंबित रखा गया और तिथियाँ बदलते रहे। बीच-बीच में शेष राशि की माँग लगातार करते रहे।
बाद में श्री संजय राठौर निलंबित हो गए। परंतु उन्होंने नए तहसीलदार श्री शिवनारायण राठिया को फोन पर यह कह दिया कि इस प्रकरण में पहले से ही ₹1,00,000 की डील तय है।
इसके बाद श्री शिवनारायण राठिया के नगर सैनिक संजय मिश्रा (भटगाँव में पदस्थ) ने मुझे सीधे कहा —
“अगर ₹1,00,000 नहीं दोगे तो सर (तहसीलदार) प्रकरण खारिज कर देंगे।”
यह कथन मेरे लिए सीधी धमकी के समान था।
संजय मिश्रा द्वारा कई बार कॉल और दबाव बनाया गया। यहाँ तक कि उन्होंने रात में भी फोन कर कहा कि पैसे लेकर आना, वरना आदेश प्रतिकूल होगा।
अंततः, जब मैंने रिश्वत देने से साफ मना कर दिया, तो दिनांक 10/09/2025 को प्रकरण खारिज कर दिया गया।
दिनांक 12/09/2025 को मैंने पुनः आवेदन (रि-ओपनिंग हेतु) प्रस्तुत करना चाहा, परंतु तहसीलदार शिवनारायण राठिया ने उसे लेने से ही साफ मना कर दिया।
गंभीर प्रश्न
- क्या तहसीलदार का कर्तव्य नहीं था कि निष्पक्ष सीमांकन कराकर निर्णय दे?
- जब पंचनामा (आर.आई. लक्ष्मी खलखो द्वारा तैयार) में स्पष्ट रूप से अनावेदिका के हस्ताक्षर और कब्जे का विवरण है, तो उसे दरकिनार क्यों किया गया?
- क्या तहसील कार्यालय जनता से न्याय छीनने और रिश्वत माँगने का अड्डा बन चुका है?
- क्या सरकार को ऐसे तहसील कार्यालयों को पूरी तरह बंद नहीं कर देना चाहिए, यदि वे अपने मूल दायित्व – भूमि विवाद का न्यायपूर्ण निवारण – ही नहीं कर सकते?
निवेदन
- इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए।
- तत्कालीन तहसीलदार श्री संजय कुमार राठौर एवं वर्तमान तहसीलदार श्री शिवनारायण राठिया दोनों के भ्रष्ट आचरण एवं अनुचित कार्यशैली पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- नगर सैनिक संजय मिश्रा द्वारा दी गई सीधी रिश्वत की माँग और धमकी पर भी विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई हो।
- मेरी माता श्रीमती मंजू सिंह को उनकी भूमि पर वैधानिक कब्जा दिलाया जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
संलग्न दस्तावेज़
- आर.आई. लक्ष्मी खलखो द्वारा तैयार सीमांकन पंचनामा (अनावेदिका के हस्ताक्षर सहित)।
- वर्तमान तहसीलदार श्री शिवनारायण राठिया द्वारा पारित आदेश की प्रति।
- पेनड्राइव जिसमें संजय राठौर के साथ रिश्वत संबंधी बातचीत की वीडियो व ऑडियो रिकॉर्डिंग है।
- संजय कुमार राठौर (तत्कालीन तहसीलदार) के व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट।
- संजय मिश्रा (नगर सैनिक) द्वारा रात में किए गए कॉल का कॉल-लॉग।
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