Jal Jeevan Mission 50% amount of the Center not released: बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को जनहित याचिका की सुनवाई की। बिलासपुर जिले के 33 गांवों में पेयजल संकट की शिकायत पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मामले की गंभीरता को माना। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता रमाकांत मिश्रा ने बताया कि जल जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत राशि अभी तक जारी नहीं हुई है, जिससे परियोजना में देरी और गड़बड़ियां हो रही हैं।
Jal Jeevan Mission 50% amount of the Center not released
कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह जांच औपचारिकता मात्र नहीं होनी चाहिए, बल्कि जांच में वास्तविक दोषियों को चिन्हित कर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मिशन के तहत बिलासपुर जिले के गांवों में पानी की आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन पाइप लाइन अधूरी है और कई जगह पानी की किल्लत बनी हुई है। कई परिवारों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिला है, वहीं कुछ जगह अधूरी निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या बनी हुई है।
राज्य हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, जिसे बिना देरी के पूरा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
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