Don’t ignore blurry vision upon waking up in the morning: सुबह उठते ही आंखों के सामने धुंधलापन महसूस होना एक आम समस्या है। यह अक्सर कुछ सेकंड से कुछ मिनटों तक रह सकता है। इस लेख में यह समझाया जाएगा कि इसके कारण क्या हो सकते हैं, इसके क्या लक्षण हैं, इससे बचाव कैसे करें और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।
धुंधलापन क्या होता है?
धुंधलापन मतलब आंखों से साफ या तेज नजर न आना। जब चीजें धुंधली या अस्पष्ट दिखें, तब इसे धुंधलापन कहा जाता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन अगर बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे तो यह आंखों या शरीर की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
सुबह उठने के बाद आंखों में धुंधलापन क्यों होता है?
नींद के दौरान आँखों का पर्दा थोड़ा सूख जाता है। खासकर यदि कमरे में पंखा या एयर कंडीशनर चल रहा हो तो यह सूखापन ज्यादा बढ़ जाता है। आंखों के सूखने से धुंधलापन महसूस होता है जो कुछ समय में ठीक हो जाता है। वहीं, आंखों के सामने धुंधला नजर आना कई बार रक्त परिसंचरण में कमी या थकान की वजह से भी होता है।
Don’t ignore blurry vision upon waking up in the morning सामान्य कारण
सुबह आंखों में धुंधलेपन के कई सामान्य कारण हो सकते हैं:
- आंखों की सूखापन (Dry Eyes): आँखों की सतह पर आंसू न होने से सूखापन होता है, जिससे धुंधलापन होता है।
- नमी की कमी: सोते समय पंखा या एसी के कारण आंखों में नमी कम हो जाती है।
- बादाम जैसी छोटी-बड़ी धूल या म्यूकस: आँखों में जमा होने से कुछ समय के लिए धुंधला दिख सकता है।
- ओवर-स्ट्रेनिंग (Over-straining): अधिक स्क्रीन देखने से आंखों पर तनाव बढ़ जाता है।
- विटामिन की कमी: खासकर विटामिन A की कमी से खुरदरी आंखों और धुंधलापन होता है।
गंभीर कारण
अगर सुबह आंखों का धुंधलापन बार-बार हो या ज्यादा समय तक बना रहे तो यह कई गंभीर बीमारियों का लक्षण हो सकता है।
- डायबिटीज (Diabetes): इससे आंखों की नसों को नुकसान पहुंचता है और धुंधला दिखता है।
- ग्लूकोमा: आंखों के अंदर दबाव बढ़ने से दृष्टि प्रभावित होती है।
- मोतियाबिंद (Cataract): लेंस के बादलाने से दृष्टि में कमी होती है।
- हाई ब्लड प्रेशर: रक्त वाहिकाओं के कमजोर होने से आंखों की रोशनी प्रभावित होती है।
- माइग्रेन: सिर दर्द के साथ- साथ नजर में आकृति या रंगों में बदलाव हो सकता है।
- रेटिनोपैथी: आँख की रेटिना में विकृति से धुंधलापन होता है।
आंखों की देखभाल के लिए उपयोगी सुझाव
- आंखों में नमी बढ़ाने के लिए आर्टिफ़िशियल आंसू का इस्तेमाल करें।
- सोते समय एसी या पंखा सीधे आंखों पर न रखें।
- अधिक स्क्रीन देखने से बचें और समय-समय पर आंखों को आराम दें।
- संतुलित आहार लें जिसमें विटामिन A, विटामिन C, ओमेगा 3 फैटी एसिड पर्याप्त मात्रा में हों।
- खूब पानी पिएं ताकि शरीर और आंखें हाइड्रेटेड रहें।
- नियमित नेत्र परीक्षण करवाएं।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर आंखों का धुंधलापन कुछ सेकंड से अधिक समय तक बना रहे, बार-बार हो या साथ में सिर दर्द, उल्टी, कमजोरी जैसी चीजें हों तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। यह किसी गंभीर रोग का संकेत हो सकता है जिसे समय रहते इलाज की आवश्यकता होती है।
सुबह उठते ही आंखों के सामने धुंधलापन एक सामान्य समस्या हो सकती है, पर इसका बार-बार होना गंभीर हो सकता है। उचित खान-पान, अच्छे नींद के नियम और समय-समय पर आंखों की जांच इसे रोकने में मदद करती है। अगर समस्या बनी रहे तो चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है।
इस प्रकार अपनी आंखों का ध्यान रखें और समय से जांच कराकर किसी भी गंभीर समस्या से बचाव करें ताकि जीवन में अच्छी दृष्टि बनी रहे।
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