नींद की सही पोजीशन: सेहतमंद नींद के लिए जरूरी है सही सोने का तरीका : Correct Sleeping Position

Uday Diwakar
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  • सही स्लीपिंग पोजीशन (पीठ के बल या बाईं करवट) में सोना रीढ़, पाचन और हृदय के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित होता है।
  • गलत पोजीशन में सोने (जैसे पेट के बल या बहुत ऊंचा तकिया) से पीठ दर्द, गर्दन में खिंचाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

Correct Sleeping Position: नींद हमारे जीवन का एक आवश्यक हिस्सा है, जो न केवल शरीर को आराम देता है बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी बनाये रखता है। लेकिन क्या सभी तरह की नींद एक जैसी होती है? क्या आप जानते हैं कि सोने की पोजीशन का आपकी स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है? सही पोजीशन में सोना न केवल शरीर को आराम देता है, बल्कि कई तरह की बीमारियों से बचाव भी करता है। इस लेख में जानेंगे कि कौन सी नींद की पोजीशन सबसे बेहतर है और कैसे इसे अपनाकर अपनी सेहत का ख्याल रखा जा सकता है।

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Correct Sleeping Position नींद की पोजीशन के प्रकार:

नींद लेने के तीन प्रमुख तरीके होते हैं: पीठ के बल सोना, करवट लेकर सोना और पेट के बल सोना। हर पोजीशन का शरीर पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।

पीठ के बल सोना:

यह सबसे ज्यादा फायदेमंद माना गया है। जब आप अपनी पीठ के बल सोते हैं, तो आपकी रीढ़ की हड्डी, गर्दन और सिर एक सीध में होते हैं, जिससे मांसपेशियों और जोड़ों पर दबाव कम पड़ता है। यह कमर दर्द और गर्दन की तकलीफ को दूर रखता है। साथ ही, यह पोजीशन चेहरे पर झुर्रियों को बनने से भी बचाती है। हालांकि, जो लोग खर्राटे या स्लीप एपनिया से पीड़ित हैं, उनके लिए यह पोजीशन कभी-कभी समस्याजनक हो सकती है।

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करवट लेकर सोना:

करवट लेकर सोने को सबसे सामान्य और कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ सर्वोत्तम बताते हैं। खासकर बाईं करवट लेने से हृदय और फेफड़ों को लाभ होता है। इससे एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याएं कम होती हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह पोजीशन सबसे उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इससे भ्रूण को उचित रक्त प्रवाह मिलता है। हालांकि इस पोजीशन में घुटनों और हाथों की सही स्थिति का ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि कंधों और गर्दन पर तनाव न पड़े।

पेट के बल सोना:

पेट के बल सोना अक्सर अनुशंसित नहीं किया जाता क्योंकि इससे गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द और अकड़न हो सकती है। साथ ही, यह पोजीशन सांस लेने में मुश्किलें पैदा कर सकती है। इसलिए, इस पोजीशन को जितना हो सके, टालना चाहिए।

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नींद की पोजीशन सुधारने के सुझाव:

  • सही तकिये का चयन करें: गर्दन और सिर को समर्थन देने वाला तकिया चुनें, जिससे रीढ़ की हड्डी का संरेखण बना रहे।
  • करवट लेकर सोते समय घुटनों के बीच छोटे तकिये का इस्तेमाल करें ताकि कमर पर दबाव कम हो।
  • बार-बार सोने की पोजीशन बदलते रहें ताकि शरीर के किसी हिस्से पर अधिक दबाव न पड़े।
  • खर्राटे या स्लीप एपनिया की समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
  • सोने से पहले व्यायाम व ध्यान के जरिए शरीर को आरामदायक बनाएं।

नींद के स्वास्थ्य लाभ:

अच्छी नींद से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव और डिप्रेशन की संभावना भी कम होती है। यह याददाश्त को बेहतर बनाती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और हृदय रोग, मधुमेह जैसे गंभीर रोगों से बचाव करती है। वहीं, खराब नींद से मोटापा, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, और मानसिक परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है।
नींद की सही पोजीशन अपनाना अत्यंत आवश्यक है। पीठ के बल या करवट लेकर सोना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। पेट के बल सोने से बचना चाहिए। सही सोने की आदतें और जीवनशैली मिलकर आपकी नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाती हैं। इसलिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए नींद की पोजीशन पर ध्यान देना जरूरी है ताकि शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहें।

यह आर्टिकल आपके स्वस्थ जीवन के लिए उपयोगी सलाह लेकर आया है ताकि आप हर रात बेहतर और स्वच्छ नींद पा सकें और सुबह तरोताजा महसूस करें।

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