धमतरी में एनएचएम कर्मचारियों का अनोखा आंदोलन: मुखौटे पहनकर छत्तीसगढ़ी गीतों पर किया सरकार पर तंज : NHM Employees in Dhamtari Wearing Masks and Singing Chhattisgarhi Songs

Uday Diwakar
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NHM Employees in Dhamtari Wearing Masks and Singing Chhattisgarhi Songs:धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी चौथे दिन भी जोरदार तरीके से आंदोलन जारी रखे हुए हैं। गांधी मैदान में 593 कर्मचारी अपनी दस माँगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। यह हड़ताल स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर डाल रही है, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि उनकी बात मानी जानी चाहिए।

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आंदोलन की वजह और माँगें

एनएचएम के कर्मचारी गाँव और शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार हैं। महामारी के दौरान उन्होंने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए लोगों की मदद की। फिर भी उन्हें वेतन, नौकरी की स्थिरता और सुविधाओं को लेकर कई परेशानियां हैं। उनकी दस माँगों में नियमित नौकरी, वेतन सुधार, संविदा कर्मियों को स्थायी फायदे, चिकित्सा बीमा और बेहतर काम के हालात शामिल हैं। कर्मचारी कहते हैं कि सरकार ने वायदे पूरे नहीं किए, इसलिए वे हड़ताल पर हैं।

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NHM Employees in Dhamtari Wearing Masks and Singing Chhattisgarhi Songs अनोखा प्रदर्शन

धरना स्थल पर कर्मचारियों ने सरकार को दिखाने के लिए एक अलग तरीका अपनाया। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के चेहरे के मुखौटे पहन लिए। साथ ही छत्तीसगढ़ी सेवा गीतों पर नाच-गाना कर सरकार का मज़ाक उड़ाया। उन्होंने नेताओं को ‘पत्थर का देवता’ कहकर ताना भी मारा। यह तरीका लोगों को भावुक भी कर गया और सरकार को मजबूत संदेश भी दिया।

कर्मचारियों की हड़ताल से कई स्वास्थ्य केंद्र बंद हो गए हैं। इसलिए लोगों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों तक जाना पड़ रहा है, जहां मरीज बढ़ गए हैं। सरकार वैकल्पिक कदम उठा रही है, पर जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती, सेवाएं ठीक से नहीं चल सकतीं।

सरकार ने आंदोलन को गंभीरता से लिया है और बातचीत शुरू भी कर दी है। पर फिलहाल कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। कर्मचारी चाहते हैं कि उनकी दस माँगों को पूरा किया जाए वर्ना हड़ताल जारी रहेगी। सरकार ने कुछ माँगों को पूरा करने में आर्थिक दिक्कतें बताईं हैं, लेकिन बातचीत चल रही है।

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कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की है। प्रवक्ता वंदना राजपूत कहती हैं कि यह सरकार की गलती है कि कर्मचारी इतनी बड़ी हड़ताल पर मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने महामारी में बहुमूल्य काम किया है, फिर भी उन्हें सही सम्मान नहीं मिला। कांग्रेस ने सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगें पूरी करें।

कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार उनकी मेहनत को सराहे और उनकी समस्या सुलझाए। जनता भी कर्मचारी की आवाज सुनना चाहती है, क्योंकि बिना स्वास्थ्य कर्मियों के सही इलाज संभव नहीं।

यह आंदोलन स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्या ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की बढ़ती मुश्किलों का भी आईना है। इससे कामकाज और राजनीतिक स्तर पर कर्मचारियों की स्थिति पर चर्चा बढ़ी है।

धमतरी में गांधी मैदान में 593 एनएचएम कर्मचारियों का यह धरना स्वास्थ्य जगत की स्थिति पर बड़ा संकेत है। मुखौटे पहन कर छत्तीसगढ़ी गीतों पर नाचते-गाते हुए उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि उनकी बात सुनी जाए। यह आंदोलन कर्मचारियों की आवाज़ है जो उनके हक की लड़ाई लड़ रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही उनकी मांगें पूरी होंगी और स्वास्थ्य सेवा बेहतर होगी।

यह आंदोलन इसलिए खास है क्योंकि इसमें सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि संस्कृति के माध्यम से अपनी बात कहा गया है। आने वाले समय में इसका असर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र पर महत्वपूर्ण होगा।

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