सरगुजा में शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया विवादित, कांग्रेस ने की जांच और निरस्तीकरण की मांग : Rationalization Process of Teachers Controversial

Uday Diwakar
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Rationalization Process of Teachers Controversial: अंबिकापुर:सरगुजा संभाग में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी ने इसे भ्रष्टाचार और शिक्षा के खिलाफ बताया है। उन्होंने सरगुजा संभाग के कमिश्नर को ज्ञापन देकर इस मामले की तुरंत जांच और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है।

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Rationalization Process of Teachers Controversial

सरगुजा जिले में कुछ स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा होने के कारण, उन्हें कम शिक्षकों वाले स्कूलों में भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया के बाद अब जिले में 2048 स्कूल रहेंगे, जबकि पहले 2055 स्कूल थे। कलेक्टर विलास भोस्कर ने बताया कि यह काम पूरा कर लिया गया है।

शिक्षकों और कांग्रेस का विरोध

शिक्षकों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और इसमें भ्रष्टाचार हो सकता है। कई शिक्षक इसे अपने खिलाफ मान रहे हैं क्योंकि बिना उनकी सहमति के उन्हें स्थानांतरित किया जा रहा है। इससे शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। राज्य के कई हिस्सों में इस फैसले का विरोध हो रहा है और शिक्षक प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

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बिलासपुर हाईकोर्ट ने महासमुंद की एक शिक्षिका की याचिका पर सुनवाई करते हुए युक्तियुक्तकरण पर 10 दिन के लिए रोक लगा दी है। इससे पता चलता है कि यह मामला अब न्यायालय में भी विचाराधीन है। परवेज आलम गांधी ने कहा कि युक्तियुक्तकरण में कई गलतियां हुई हैं, जिससे शिक्षकों और शिक्षा दोनों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस प्रक्रिया की जांच कर इसे खत्म करने की मांग की है।

सरगुजा में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर विवाद जारी है। प्रशासन इसे शिक्षा सुधार का हिस्सा मानता है, जबकि शिक्षक और विपक्षी दल इसे गलत और भ्रष्टाचार से भरा कदम बता रहे हैं। मामले की जांच और अदालत के फैसले का इंतजार है।

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