सहकारी बैंक में 28 करोड़ रु.घोटाले के 11 आरोपी गिरफ्तार : Scam of Rs 28 Crore in Cooperative Bank

Uday Diwakar
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Scam of Rs 28 Crore in Cooperative Bank: अंबिकापुर: सरगुजा संभाग के शंकरगढ़ और कुसमी सहकारी बैंक से आदिमजाति सहकारी समिति में किसानों के धान बोनस, समर्थन मूल्य और ऋण की 23 करोड़ रूपए की गड़बड़ी जांच में बढ़कर 28 करोड़ पहुंच गई है। सरगुजा कलेक्टर और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्राधिकृत अधिकारी विलास भोस्कर द्वारा कराई गई जांच में लगातार किसानों के राशि में हेराफेरी का आंकड़ा बढ़ने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आज कुसमी पुलिस ने मामले में सहकारी बैंक के निलंबित प्रभारी शाखा प्रबंधक अशोक कुमार सोनी सहित इस अफरा तफरी में संलिप्त 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में से अधिकांश आरोपी सेवानिवृत्त हो चुके हैं अथवा निलंबित हैं और कुछ कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करने वाले शामिल हैं। ज्ञात हो कि वर्ष 2012 से 2022 के बीच शंकरगढ़ और कुसमी सहकारी बैंक के ऑडिट रिपोर्ट में आदिमजाति सहकारी समिति जमड़ी से किसानों की राशि लगभग डेढ़ करोड़ अम्बिकापुर के आभूषण दुकान जमुना अलंकार मंदिर के खाते में दिए जाने के साथ ही लगभग आठ करोड़ रूपए के अधिक का घोटाला प्रथम चरण के ऑडिट रिपोर्ट में हुआ था।

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Scam of Rs 28 Crore in Cooperative Bank

ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी के व्यापक खुलासे के बाद प्राधिकृत अधिकारी विलास भोस्कर द्वारा जांच समिति गठित कर इस मामले की जांच कराई गई। जिसमें जांच टीम ने पाया कि सिर्फ चार बैंक खातों से ही 23 करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया है। लगभग एक दशक से चल रहे इस हेराफेरी के बड़े मामले में हर वर्ष होने वाली ऑडिट के बाद भी यह गड़बड़ी कैसे सामने नहीं आ पाई यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है।

केन्द्रीय सहकारी बँक के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मामले में दोषी लोगों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाने के निर्देश के बाद जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बलरामपुर के शाखा प्रबंधक व नोडल अधिकारी अरविंद श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट के साथ कुसमी थाने में एक दर्जन आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने विकासचंद पांडवी सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक, अशोक कुमार सोनी निलंबित सहायक मुख्य पर्यवेक्षक, एतवल सिंह सेवानिवृत्त समिति प्रबंधक, विजय कुमार उईके सेवामुक्त शाखा प्रबंधक, समल साय सेवानिवृत्त प्रभारी शाखा प्रबंधक, जगदीश प्रसाद निलंबित सहायक लेखापाल, तबारक अली निलंबित लिपिक, लक्ष्मण देवांगन निलंबित संस्था प्रबंधक राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय निलंबित मुख्य पर्यवेक्षक, सुदेश कुमार यादव समिति प्रबंधक जमड़ी, प्रकाश कुमार सिंह कंप्यूटर ऑपरेटर कुसमी, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता निलंबित संस्था प्रबंधक के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी और 34 का मामला दर्ज किया है।

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जांच में लगातार बढ़ रहा हेराफेरी के राशि का आंकड़ा

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्राधिकृत अधिकारी और कलेक्टर सरगुजा विलास भोस्कर ने कहा है कि पूर्व में जांच रिपोर्ट में हुई 23 करोड़ रूपए की हुई गड़बड़ी लगातार हो रही जांच प्रक्रिया में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए जांच के बाद पुनः ऑडिट कराए जाने के बाद यह राशि बढ़कर 28 करोड़ तक पहुंच गई है। प्राधिकृत अधिकारी विलास भोस्कर के अनुसार मामले में जांच और ऑडिट की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि 28 करोड़ रूपए तक पहुंचे इस गड़बड़ी का मामला और अधिक राशि का भी हो सकता है जो पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आरोपियों के खाते में भी पहुंची बड़ी राशि

कुसमी थाने में जिला सहकारी बैंक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में जो तथ्य दिया गया है उसमें चौंकाने वाले मामले भी सामने आ रहे हैं। जिसमें आरोपी अशोक कुमार सोनी के खाते में एक करोड़ 36 लाख, ऑपरेटर प्रकाश कुमार सिंह के खाते में चार लाख 64 हजार, प्रबंधक सुदेश कुमार यादव के खाते में नौ लाख 63 हजार रूपए और महामाया कंस्ट्रक्शन में एनईएफटी के माध्यम से 30 लाख रूपए का अंतरण होना पाया गया है और अब तक हुई गड़बड़ी में लगभग 26 करोड़ 47 लाख 82 हजार 462 रूपए की आर्थिक अनियमितता उजागर हुई है।


शासकीय कार्यालय का भी खोला फर्जी खाता

सहकारी बैंक शंकरगढ़ और कुसमी शाखा के द्वारा हुई इस गड़बड़ी के मामले में लगातार नए- नए मामले भी उजागर हो रहे हैं। जिसमें हेराफेरी में संलिप्त बैंक कर्मचारियों द्वारा न केवल लोगों के नाम से फर्जी खाता खोला गया बल्कि सहकारी बैंक शंकरगढ़ में जनपद पंचायत के नाम से भी फर्जी खाता खोलकर इस हेराफेरी को अंजाम दिया गया है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों से फर्जी खाता खोलकर छलपूर्वक किसानों के केसीसी खाता में बैंक की राशि को ट्रांसफर कर किसानों के खाता से फर्जी खाते में राशि ट्रांसफर कर कई करोड़ रूपए की राशि का आहरण कर बैंक को क्षति पहुंचाया गया है और यह गंभीर आर्थिक अपराध है।

राशि के हेरफेर में यह तरीका अपनाया

केन्द्रीय बैंक के प्राधिकृत अधिकारी कलेक्टर विलास भोस्कर के निर्देश पर जांच टीम ने शामिल लीड बैंक प्रबंधक, सहायक कोषालय अधिकारी और सीईओ सहकारी बैंक द्वारा मामले की जांच लगातार की जा रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार सहकारी बैंक के जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी ही इस गड़बड़ी में संलिप्त रहे हैं। शंकरगढ़ के प्रभारी शाखा प्रबंधक के रूप में अशोक कुमार सोनी सर्वाधिक लगभग दस वर्षों तक यहां पदस्थ रहे और उनके सहित अन्य जिम्मेदार बैंक के स्टाफ द्वारा बैंक की शाखा में विभिन्न व्यक्तियों के बचत खाते, विभिन्न सहकारी समितियों के बचत खाते, एमटी लोन, गोदाम लोन, किसानों के डीएमआर कैश अकाउंट लेजर, नगद आहरण आदि के द्वारा बड़ी राशि का स्थानांतरण बिना वाउचर, सहायक दस्तावेज और अधिकार पत्र के बगैर आहरित कर लिया है। जांच रिपोर्ट में यह भी मामला सामने आया है कि कुसमी शाखा के 386 वाउचर में से 111 डेबिट वाउचर 19 करोड़ रूपए के हैं, जिनमें से 275 वाउचर शाखा में उपलब्ध ही नहीं है। सहकारी समिति जमड़ी के नाम पर संधारित खाता से नगद आहरण विभिन्न व्यक्तियों और अन्य संस्था द्वारा किया जाना पाया गया।

इन आरोपियों की गिरफ्तारी

कुसमी पुलिस ने सहकारी बैंक के शंकरगढ़ और कुसमी शाखा से बड़ी राशि के हेराफेरी और गबन के मामले में अब तक 11
आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। जिनमें अशोक कुमार सोनी, एतवल सिंह, विजय कुमार उईके, समल साय, जगदीश प्रसाद, तबारक अली, लक्ष्मण देवांगन, राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, सुदेश कुमार यादव, प्रकाश कुमार सिंह, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता शामिल हैं।

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