ब्रह्मोस मिसाइल का कोई मुकाबला नहीं, नई जनरेशन की ताकत पर बड़ा खुलासा, अब और हल्की, और घातक – जानिए नई खूबियां : Brahmos Missile

Uday Diwakar
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Brahmos Missile: भारत की ब्रह्मोस मिसाइल ने हालिया भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव में अपनी अद्वितीय शक्ति का परिचय दिया है। पाकिस्तान के 11 वायुसेना ठिकानों पर 15 ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रहार ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चौंका दिया। ब्रह्मोस की तेज रफ्तार और अचूक लक्ष्यभेदन क्षमता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबका ध्यान आकर्षित किया है।

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Brahmos Missile ब्रह्मोस मिसाइल की प्रमुख खूबियां

अल्ट्रा-फास्ट स्पीड: 

ब्रह्मोस मिसाइल ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना तेज (मैक 2.8–3.0) उड़ान भरती है, यानी इसकी रफ्तार लगभग 2,800–3,000 किमी/घंटा है।

सटीक टारगेटिंग: 

इसकी एडवांस्ड गाइडेंस प्रणाली (INS, GPS, टर्मिनल रडार सीकर) इसे दुश्मन के ठिकानों पर बेहद सटीक वार करने में सक्षम बनाती है।

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रडार से बचाव: 

ब्रह्मोस अपनी अत्यधिक गति के कारण दुश्मन के रडार पर केवल 10 किमी के भीतर ही नजर आती है, जिससे इसे रोक पाना लगभग असंभव हो जाता है।

फायर एंड फॉरगेट सिस्टम: 

यह मिसाइल लॉन्च के बाद किसी अतिरिक्त नियंत्रण की आवश्यकता नहीं रखती, यानी यह पूरी तरह स्वचालित है।

मल्टीप्लेटफॉर्म लॉन्चिंग: 

ब्रह्मोस को थल, जल, वायु और पनडुब्बी से दागा जा सकता है, जिससे यह बहुआयामी हमला करने में सक्षम है।

ब्रह्मोस की नई पीढ़ी (BrahMos NG) की विशेषताएं

हल्का डिजाइन: 

ब्रह्मोस NG (नेक्स्ट जेनरेशन) का वजन मौजूदा वर्जन (करीब 2,900 किग्रा) की तुलना में काफी कम होकर लगभग 1,200–1,290 किलोग्राम रह गया है।

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रेंज में इजाफा:

 नई ब्रह्मोस की मारक दूरी 450–800 किमी तक है, और भविष्य में इसे 1,000 किमी से भी अधिक करने की योजना है।

अधिक पेलोड क्षमता: 

हल्की होने के कारण अब Su-30MKI जैसे फाइटर जेट्स एक बार में तीन से पांच ब्रह्मोस NG मिसाइलें ले जा सकते हैं। थलसेना के मोबाइल लॉन्चर पर भी मिसाइलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

तेज उत्पादन क्षमता: 

लखनऊ स्थित नई फैक्ट्री से प्रतिवर्ष 100–150 ब्रह्मोस NG मिसाइलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत की सामरिक क्षमता और निर्यात दोनों बढ़ेंगे।

निर्यात की संभावनाएं: 

भारत ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्यात फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया और अफ्रीका जैसे देशों को भी कर रहा है, जिससे भारत की रक्षा कूटनीति को मजबूती मिल रही है।

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चीन और पाकिस्तान से बढ़त

ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की तकनीक और क्षमता फिलहाल चीन और पाकिस्तान के पास नहीं है। इसकी रफ्तार, सटीकता और मल्टीप्लेटफॉर्म लॉन्चिंग की वजह से यह दोनों देशों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

ब्रह्मोस मिसाइल की नई पीढ़ी भारत की सैन्य शक्ति को नए आयाम दे रही है। हल्के वजन, लंबी दूरी और दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता के साथ यह मिसाइल भारत को विश्वस्तरीय सैन्य ताकत के रूप में स्थापित कर रही है।

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