16 Panchs in Jashpur’s Bagiya Gram Panchayat resign en masse: जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की ग्राम पंचायत बगिया में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम घटित हुआ है, जहां कुल 20 पंचों में से 16 ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस सामूहिक इस्तीफे के पीछे सरपंच की मनमानी कार्यशैली को मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस घटना की चर्चा तब और बढ़ गई, जब इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इस इस्तीफे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इसे पोस्ट करते हुए कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं और कामकाज की विफलता का संकेत है। कांग्रेस ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर अधिकारियों का रवैया नकारात्मक हैं और वे जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश करते हैं।
इस इस्तीफे की वजह से ग्राम पंचायत के कामकाज में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे विकास कार्य ठप पड़ने की संभावना है। ग्राम पंचायत बगिया की यह घटना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृहग्राम में हुई है, जो इसे और भी अधिक संवेदनशील बनाती है। स्थानीय लोगों और अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस समस्या पर चिंता व्यक्त की है।
सरपंच और पंचों के बीच चल रही तनातनी और पंचों के अधिकारों की अनदेखी से तनाव की स्थिति बनी है। स्थानीय विकास के कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसकी वजह से क्षेत्र के विकास को गंभीर झटका लग सकता है।
इस पूरे मामले में सरकार और पंचायत प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार की जनविरोधी नीतियों का परिणाम बताया है और मांग की है कि इस समस्या का त्वरित समाधान किया जाए।
16 Panchs in Jashpur’s Bagiya Gram Panchayat resign en masse
यह मामला छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि इससे पंचायत राज व्यवस्था और उसकी निर्विरोध कार्य प्रणाली पर चर्चा हो रही है। विवादित विषय के समाधान के लिए राज्य सरकार को प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, जिससे जनता का विश्वास कायम रहे और पंचायत की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।
कुल मिलाकर, ग्राम पंचायत बगिया में पंचों का सामूहिक इस्तीफा एक चेतावनी संकेत है, जो स्थानीय प्रशासन की कमजोरियों और विकास कार्यों में बाधा को दिखाता है। इस मुद्दे का राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तर पर व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।
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