सरगुजा में एक साथ 14 घरों में चोरी, पार्षद समेत कई मकान निशाने पर : 14 houses burgled simultaneously in Surguja

Uday Diwakar
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14 houses burgled simultaneously in Surguja: सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में हाल ही में एक संगठित चोरों के गिरोह ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है, जिसमें 14 घरों के ताले तोड़कर लाखों रुपए का सामान चोरी किया गया है। इस मामले में विशेष बात यह है कि चोरी के शिकार मकानों में स्थानीय पार्षद के साथ-साथ चार किराएदारों के मकान भी शामिल हैं।

चोरी की यह घटना इलाके के लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन रही है और स्थानीय पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।चोरी की वारदात का विवरणएक रविवार की सुबह इलाके के लोगों ने देखा कि कई घरों के ताले एक साथ टूटे हुए हैं। इसके बाद मोहल्लेवासी ने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच शुरू कर दी।

जांच में पाया गया कि चोरों ने व्यवस्थित योजना के तहत बड़े पैमाने पर चोरी की है, जिसमें उन्होंने लैपटॉप, टी.वी., नगदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार होने का प्रयास किया। चोरों ने कम से कम 14 घरों के ताले तोड़े, जिससे इलाके में दहशत बनी हुई है।

विशेष रूप से, चोरी की इस घटना में स्थानीय पार्षद के मकान को भी निशाना बनाया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और जनता दोनों में भारी चिंता व्याप्त है। पार्षद के परिवार ने पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि अपराधियों को गिरफ्तार किया जा सके और सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वहीं, चोरी के शिकार होने वाले कई किराएदार परिवार नुकसान की स्थिति में हैं, क्योंकि उनके पास अपने घर की सुरक्षा के लिए संसाधन सीमित हैं।

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14 houses burgled simultaneously in Surguja

स्थानीय लोगों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और गश्त पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अगर क्षेत्र में नियमित और प्रभावशाली पेट्रोलिंग होती तो इतने बड़े पैमाने पर चोरी की यह वारदात नहीं होती। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस की उपस्थिति कम होने के कारण चोरों को इस तरह की वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।

पर्यवेक्षकों का मानना है कि पुलिस को न केवल घटनास्थल पर निरीक्षण बढ़ाना चाहिए बल्कि सोशल मीडिया और मोडर्न तकनीकों के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करना चाहिए।पुलिस ने फिलहाल मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की हैं। पुलिस अधिकारियों ने यह भी विश्वास दिलाया है कि जल्द ही चोरों की गिरफ्तारी कर उन्हें सजा दिलाई जाएगी।

साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि या व्यक्तियों को देखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सहायतासरगुजा पुलिस ने चोरी के तत्काल बाद ही पड़ोस में लगे कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को कब्जे में लिया और उनकी बारीकी से जांच कर रही है। फुटेज में चोरों की कुछ झलकियां दिखाई दे रही हैं, जिससे पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

पुलिस ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करके फुटेज की विस्तृत जांच की है और साइबर यूनिट को भी मामले में शामिल किया गया है।सीसीटीवी फुटेज से यह भी जानकारी मिली है कि चोरों ने वारदात के लिए पूर्व योजना बनाई थी और उन्होंने तेजी से एक के बाद एक घरों के ताले तोड़ कर सामान पार किया। यह घटनाक्रम साफ करता है कि यह कोई अकेला चोर नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह था, जिसने सामूहिक तरीके से चोरी को अंजाम दिया है।चोरी की प्रवृत्ति और सामाजिक प्रभावसरगुजा जिले में यह पहली घटना नहीं है, जब चोरों ने यहाँ बड़े पैमाने पर चोरी की हो।

पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में चोरी की वारदातों में लगातार वृद्धि देखी गई है, जिससे स्थानीय लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चोरी के कारण प्रभावित परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों से गुजर रहे हैं।चोरी के बढ़ते प्रकरण से यह भी पता चलता है कि पुलिस प्रशासन को अपनी सुरक्षा रणनीतियों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। साथ ही, नागरिक सुरक्षा के लिए सामुदायिक भागीदारी भी जरूरी हो गई है, जिससे समय पर सूचना मिल सके और अपराधियों को पकड़ने में आसानी हो।

स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जानी चाहिए और आवश्यकतानुसार तकनीकी संसाधनों का विस्तार करना चाहिए। पुलिस ने इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। इसमें नियमित गश्त बढ़ाना, वाहन चेकिंग करते रहना, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना और स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित करना शामिल है। पुलिस आयुक्त ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि चोरी और अन्य अपराधों को रोकने के लिए सभी उपाय किए जाएंगे।यहाँ यह भी ध्यान देने योग्य है कि केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन, पंचायत और नागरिकों को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा।

हर मोहल्ले और गली में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था और आपसी निगरानी को बढ़ावा देना अनिवार्य होगा। इससे अपराधियों को अंजाम देने का मौका कम होगा।सामाजिक जागरूकता और जनता की भूमिकाचोरी जैसे अपराधों को कम करने के लिए स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जागरूक नागरिक न केवल खुद अपने घरों और नियमित गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि वे पड़ोसियों की भी सुरक्षा की जिम्मेदारी समझें।

समूह बनाकर, स्थानिक सुरक्षा समितियों का गठन करके और पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देकर अपराध घटाए जा सकते हैं।सरगुजा में हाल ही में हुई चोरी ने इस बात पर जोर दिया है कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है। हर नागरिक को चाहिए कि वह अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों की भी सुरक्षा का ध्यान रखे। तभी इस तरह के अपराधों पर अंकुश लग पाया है।

सरगुजा जिले में 14 घरों में एक साथ हुई चोरी की वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया है। यह घटना स्थानीय जनता के साथ-साथ प्रशासन और पुलिस के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता बरतनी होगी।पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इससे भी जरूरी है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, नियमित पेट्रोलिंग कड़ी की जाए और तकनीकी संसाधनों का सही इस्तेमाल हो ताकि अपराधियों को किसी भी हाल में मौका न मिले।अंततः यह घटना हमें यह सिखाती है कि सुरक्षा के लिए पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल और नियमित संवाद बेहद आवश्यक है। तभी सरगुजा जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में अपराध मुक्त और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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